Rameshwar Oraon: झारखंड के पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव को कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का अध्यक्ष बनाया गया
झारखंड की राजनीति में कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) में संविधान के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (Disciplinary Action Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
इस प्रस्ताव को राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वीकृति दे दी है।
इस समिति में कुल छह सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें अध्यक्ष डॉ. उरांव के अलावा — अशोक चौधरी, मंजूर अहमद अंसारी, भीम कुमार, मंजूला हांसदा और अभिलाष साहू को सदस्य बनाया गया है।
इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने जारी की।
🏛️ नई जिम्मेदारी की घोषणा
रांची से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में यह नई समिति गठित की है, जिसका उद्देश्य संगठन के भीतर अनुशासन, आचार-संहिता और संगठनात्मक जवाबदेही को सुदृढ़ करना है।
पार्टी ने बताया कि समिति का गठन झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संविधान के तहत किया गया है और यह पार्टी अनुशासन से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी।
यह समिति प्रदेश स्तर पर नियमों के उल्लंघन, सदस्यता विवाद, आंतरिक आचरण से संबंधित मामलों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
👤 डॉ. रामेश्वर उरांव का अनुभव और नेतृत्व
डॉ. रामेश्वर उरांव झारखंड के सबसे वरिष्ठ और सम्मानित कांग्रेस नेताओं में से एक हैं।
वे राज्य के वित्त मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।
राजनीति में आने से पहले वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी रह चुके हैं और अपने प्रशासनिक अनुभव को उन्होंने सार्वजनिक जीवन में भी लागू किया है।
उनकी छवि एक ईमानदार, संगठनात्मक रूप से सक्षम और अनुशासित नेता के रूप में जानी जाती है।
कांग्रेस हाईकमान ने इस बार जिस जिम्मेदारी के लिए उन्हें चुना है, वह पार्टी के भीतर संविधान और अनुशासन की रक्षा से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक है।
🔍 अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का उद्देश्य
कांग्रेस संगठन में अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (Disciplinary Action Committee) का गठन हर राज्य इकाई में किया जाता है।
इसका प्रमुख उद्देश्य है —
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पार्टी संविधान और आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करना।
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संगठन के भीतर उत्पन्न विवादों का समाधान करना।
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पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीन व्यवहार की जांच करना।
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संगठन की पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना।
झारखंड में यह समिति कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा के अनुरूप संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने का काम करेगी।
🗣️ कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने इस नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए कहा —
“डॉ. रामेश्वर उरांव एक अनुभवी, संतुलित और अनुशासित नेता हैं। उनकी नियुक्ति से झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक स्थिरता और एकजुटता को मजबूती मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को विश्वास है कि डॉ. उरांव अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता से समिति के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करेंगे।
🌾 झारखंड कांग्रेस में उरांव की भूमिका
झारखंड कांग्रेस में डॉ. उरांव की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है।
वे पार्टी के भीतर नीति निर्माण, जन-संपर्क अभियान, और आदिवासी क्षेत्रों में संगठन विस्तार की रणनीतियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
उनके नेतृत्व में झारखंड कांग्रेस ने कई बार संगठनात्मक एकता और जनसंपर्क अभियानों को गति दी।
वे आदिवासी समुदाय के प्रभावशाली चेहरे माने जाते हैं और पार्टी के लिए ग्रामीण इलाकों में एक मजबूत जनाधार तैयार करने में उन्होंने अहम योगदान दिया है।
⚙️ समिति के अन्य सदस्य
नवगठित समिति में अध्यक्ष सहित कुल छह सदस्य हैं —
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डॉ. रामेश्वर उरांव – अध्यक्ष
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अशोक चौधरी – सदस्य
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मंजूर अहमद अंसारी – सदस्य
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भीम कुमार – सदस्य
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मंजूला हांसदा – सदस्य
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अभिलाष साहू – सदस्य
इन सभी को पार्टी की अनुशासन समिति में शामिल कर संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी और अनुशासन-संबंधी मामलों में सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है।
🧭 राजनीतिक दृष्टि से नियुक्ति का महत्व
विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम झारखंड में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए संगठन को स्थिर और अनुशासित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राज्य में सत्ता-साझेदारी और क्षेत्रीय राजनीति के बीच, पार्टी का फोकस अब आंतरिक एकता और अनुशासन को सुदृढ़ करने पर है।
डॉ. उरांव की नियुक्ति से पार्टी को एक अनुभवी और निष्पक्ष चेहरा मिला है, जो संगठन के भीतर संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
🗳️ निष्कर्ष
डॉ. रामेश्वर उरांव को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी संगठन को नया नेतृत्व मिला है।
यह नियुक्ति न केवल कांग्रेस के भीतर अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले समय में राज्य में पार्टी की रणनीतिक एकजुटता को भी बढ़ाएगी।
कांग्रेस हाईकमान का यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि पार्टी अब झारखंड में संविधान-आधारित संगठनात्मक संस्कृति और आचार-संहिता की सख्त पालना को प्राथमिकता दे रही है।
