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21 Jan 2026, Wed

झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन की तबीयत में सुधार, स्वास्थ्य मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन की तबीयत में सुधार, स्वास्थ्य मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

Hafizul Hasan Health Update: झारखंड के अल्पसंख्यक मंत्री खतरे से बाहर, पारस अस्पताल में भर्ती

झारखंड की राजनीति में बड़ी हलचल उस समय मच गई जब राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और मधुपुर से विधायक हफीजुल हसन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गुरुवार सुबह हुई इस घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में रांची स्थित पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने का निर्णय लिया है।

सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत

गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे हफीजुल हसन को बेचैनी महसूस होने लगी। उन्हें अत्यधिक पसीना आ रहा था और घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो गई। परिवार और सहयोगियों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा अपडेट

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी खुद अस्पताल पहुंचे और मीडिया को स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार हफीजुल हसन की हालत स्थिर है और अब वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि डॉक्टरों ने एहतियातन उन्हें अगले 24 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखने का निर्णय लिया है।

इरफान अंसारी ने बताया कि “मंत्री जी को फूड एलर्जी और निमोनिया के लक्षण पाए गए हैं। उनके हृदय में कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन लंग्स में दिक्कत आई थी। सीटी स्कैन समेत कई अन्य जांचें की गई हैं। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य है और मेडिकल टीम लगातार निगरानी कर रही है।”

संभावित आगे का इलाज

डॉक्टरों और स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यदि अगले 24 घंटों में हफीजुल हसन की स्थिति में और सुधार होता है तो उनका इलाज रांची में ही जारी रखा जाएगा। लेकिन अगर किसी भी तरह की जटिलता सामने आती है, तो उन्हें दिल्ली रेफर किया जा सकता है।

हफीजुल हसन का राजनीतिक सफर

हफीजुल हसन झारखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं और मधुपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे राज्य की राजनीति में एक सक्रिय और लोकप्रिय चेहरा माने जाते हैं। स्वास्थ्य कारणों से पहले भी कई बार उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी, लेकिन इस बार अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह से पार्टी और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई।

परिवार और समर्थकों की चिंता

मंत्री के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए। सोशल मीडिया पर भी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थनाएँ और शुभकामनाएँ लगातार व्यक्त की जा रही हैं।

क्या है फूड एलर्जी और निमोनिया का खतरा?

डॉक्टरों के अनुसार, फूड एलर्जी ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम किसी विशेष भोजन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाता है। इसके लक्षणों में घबराहट, पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ और चकत्ते शामिल हो सकते हैं।

वहीं, निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जिसमें बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से सूजन हो जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर हो सकता है। लेकिन सही दवाइयों और निगरानी के बाद रोगी की स्थिति सामान्य हो सकती है।

सरकार और प्रशासन की नजर

झारखंड सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और नेता लगातार पारस अस्पताल से संपर्क बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी हफीजुल हसन के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। सरकार चाहती है कि उन्हें सर्वोत्तम इलाज मिले और किसी भी प्रकार की कमी न रहे।

निष्कर्ष

झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर ने राज्य की राजनीति और जनमानस को चिंता में डाल दिया था। लेकिन राहत की बात यह है कि अब वे खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा दिए गए अपडेट ने समर्थकों को बड़ी राहत दी है। आने वाले 24 घंटे उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद अहम होंगे, जिसके बाद यह तय होगा कि उनका इलाज रांची में ही जारी रहेगा या उन्हें दिल्ली भेजा जाएगा।

लोगों की दुआएँ और शुभकामनाएँ उनके शीघ्र स्वस्थ होने की दिशा में निरंतर जारी हैं।

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