Justice Navneet Kumar Oath: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद की शपथ ली
राजभवन के दरबार हॉल में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नवनीत कुमार को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) के अध्यक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अलका तिवारी, वरिष्ठ अधिकारी और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने नवनियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएँ दीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में झारखंड की ऊर्जा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
समारोह का आयोजन और औपचारिकताएँ
शपथ ग्रहण समारोह का आरंभ राज्यपाल सचिवालय की औपचारिकताओं के साथ हुआ।
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सबसे पहले मुख्य सचिव अलका तिवारी ने आयोग में न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना का वाचन किया।
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इसके बाद राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया।
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शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल गंगवार ने नवनीत कुमार को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी मौजूद थे।
न्यायमूर्ति नवनीत कुमार का परिचय
नवनीत कुमार झारखंड हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हैं। अपने न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और ईमानदार तथा सख्त छवि वाले जज के रूप में पहचान बनाई। उनके पास प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का लंबा अनुभव है, जो अब राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करेगा।
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) की भूमिका
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग राज्य के बिजली क्षेत्र को नियंत्रित और संचालित करने वाला प्रमुख संस्थान है। इसका मुख्य उद्देश्य है:
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बिजली कंपनियों के संचालन की निगरानी और विनियमन।
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उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ निर्धारण और शिकायत निवारण।
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बिजली आपूर्ति को पारदर्शी, सस्ती और सुलभ बनाना।
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अक्षय ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग को प्रोत्साहित करना।
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ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और निजी भागीदारी को बढ़ावा देना।
इस आयोग के अध्यक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है क्योंकि वही नीतिगत फैसलों को दिशा देते हैं।
झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियाँ
झारखंड बिजली उत्पादन और खनन संसाधनों में संपन्न राज्य होने के बावजूद उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुँचाने में कई चुनौतियों का सामना करता है। इनमें प्रमुख हैं:
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ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की समस्या – कई गाँवों में आज भी स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है।
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बिजली चोरी और तकनीकी नुकसान – वितरण में भारी हानि होती है।
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पुराना बुनियादी ढाँचा – ट्रांसमिशन लाइनें और सबस्टेशन पर्याप्त नहीं हैं।
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उच्च दरें और उपभोक्ता असंतोष – उपभोक्ता अक्सर बिलिंग और दरों को लेकर शिकायत करते हैं।
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अक्षय ऊर्जा का कम उपयोग – राज्य में सौर और पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन उनका लाभ उठाना बाकी है।
नए अध्यक्ष से उम्मीदें
नवनीत कुमार की नियुक्ति से ऊर्जा क्षेत्र में सकारात्मक बदलावों की उम्मीद की जा रही है। उनके सामने प्रमुख कार्य होंगे:
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ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं तक समान रूप से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुँचाना।
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बिजली चोरी और वितरण हानि पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाना।
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अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को गति देना।
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बिजली कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाना।
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आयोग को अधिक उत्तरदायी और आधुनिक तकनीक-आधारित बनाना।
निष्कर्ष
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की नियुक्ति राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक अहम कदम है। उनकी न्यायिक पृष्ठभूमि, अनुभव और साफ-सुथरी छवि से उम्मीद की जा रही है कि वे झारखंड को बिजली आपूर्ति और ऊर्जा नीतियों के मामले में नई दिशा देंगे।
शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि झारखंड की ऊर्जा यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
