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21 Jan 2026, Wed

पटना से दिल्ली सिर्फ 8 घंटे में: लग्जरी होटल जैसा आराम, 160 किमी/घंटा पर भी नहीं छलकेगी चाय, जानें कब शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

पटना से दिल्ली सिर्फ 8 घंटे में: लग्जरी होटल जैसा आराम, 160 किमी/घंटा पर भी नहीं छलकेगी चाय, जानें कब शुरू होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

Vande Bharat Sleeper Train: पटना–नई दिल्ली रूट पर जल्द दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर, नाइट ट्रैवल का प्रीमियम अनुभव

पटना से नई दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे जल्द ही इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने जा रहा है, जो नाइट ट्रैवल को तेज, आरामदायक और प्रीमियम बनाने का दावा करती है।
तेजस जैसी रफ्तार, राजधानी एक्सप्रेस जैसा आराम और वंदे भारत की उन्नत तकनीक—इन तीनों का संगम पहली बार किसी स्लीपर ट्रेन में देखने को मिलेगा।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, 160 किमी प्रति घंटे की स्थिर गति पर भी यह ट्रेन इतनी संतुलित रहेगी कि कप में रखी चाय तक नहीं छलकेगी। यही कारण है कि इसे भारत में नाइट-ट्रैवल का नया बेंचमार्क माना जा रहा है।


कब शुरू होगी पटना–दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण बेंगलुरु स्थित BEML फैक्ट्री में किया जा रहा है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार—

  • दो रैक 12 दिसंबर तक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे

  • ✅ पहला रैक मिलते ही पटना–नई दिल्ली रूट पर ट्रायल रन शुरू होगा

  • ✅ सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो नए साल से पहले नियमित परिचालन शुरू हो सकता है

यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी।

  • शाम को पटना से रवाना होकर

  • अगली सुबह दिल्ली पहुंचेगी

  • इसी तरह दिल्ली से शाम को चलकर सुबह पटना पहुंचेगी

यह शेड्यूल खासतौर पर नौकरीपेशा, बिजनेस ट्रैवलर्स और छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।


तेज रफ्तार, कम समय में लंबा सफर

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की—

  • अधिकतम रफ्तार: 180 किमी/घंटा

  • ऑपरेशनल स्पीड: 160 किमी/घंटा

खास बात यह है कि स्टेशन पर रुकने और दोबारा तेज रफ्तार पकड़ने में यह ट्रेन पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में काफी तेज़ है।
इससे कुल यात्रा समय कम होगा और पटना–दिल्ली का सफर ज्यादा सहज बनेगा।


16 कोच, 827 यात्रियों की क्षमता

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह प्रीमियम नाइट ट्रेन के तौर पर डिज़ाइन किया गया है।

कोच संरचना:

  • AC 3-टियर: 11 कोच (611 यात्री)

  • AC 2-टियर: 4 कोच (188 यात्री)

  • AC 1-टियर: 1 कोच (24 यात्री)

👉 कुल क्षमता: 827 यात्री

रेलवे का कहना है कि अगर भविष्य में मांग बढ़ती है तो कोचों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
किराया राजधानी एक्सप्रेस के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है।


फ्लाइट जैसी सुविधाएं, होटल जैसा आराम

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंटीरियर इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को प्रीमियम होटल जैसा अनुभव मिले।

प्रमुख सुविधाएं:

  • USB इंटीग्रेटेड रीडिंग लैंप, ताकि रात में पढ़ने में सुविधा हो

  • रियल-टाइम पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (स्पीड, अगला स्टेशन, समय आदि जानकारी)

  • हाई-स्पीड Wi-Fi और इंफोटेनमेंट स्क्रीन

  • टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, साफ और बदबू मुक्त

  • AC 1-टियर में गर्म पानी का शावर, सर्दियों में खास सुविधा

  • एर्गोनोमिक सीढ़ियां, जिससे ऊपरी बर्थ तक जाना आसान

  • PRM-फ्रेंडली टॉयलेट, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए

इन सुविधाओं के कारण यह ट्रेन फ्लाइट + लक्जरी बस + होटल के अनुभव का मिश्रण पेश करेगी।


सुरक्षा में भी हाई-टेक

भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को सुरक्षा के लिहाज से भी अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया है।

सेफ्टी फीचर्स:

  • ‘कवच’ एंटी-कोलिजन सिस्टम, टक्कर की स्थिति में खुद ब्रेक लगाएगा

  • इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट, तुरंत स्टाफ से संपर्क

  • सील्ड गैंगवे, कोचों के बीच सुरक्षित आवाजाही

  • ऑटोमैटिक प्लग डोर

  • CCTV निगरानी, हर कोच में

रेलवे का दावा है कि यह अब तक की सबसे सुरक्षित नाइट ट्रेन होगी।


स्लीपर वेरिएंट क्यों है इतना खास?

फिलहाल देश में 164 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन ये सभी चेयर कार आधारित हैं और दिन के सफर के लिए बेहतर हैं।
स्लीपर वेरिएंट की शुरुआत—

  • लंबी दूरी के यात्रियों को राहत देगी

  • रात में सफर कर सुबह तरोताजा पहुंचने का विकल्प देगी

  • फ्लाइट पर निर्भरता कम करेगी

पटना–दिल्ली जैसे व्यस्त रूट पर यह बदलाव यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला साबित हो सकता है।


निष्कर्ष

पटना–नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सिर्फ एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
160 किमी/घंटा की स्थिर रफ्तार, होटल जैसी सुविधाएं और फ्लाइट स्तर का आराम—यह ट्रेन नाइट ट्रैवल को नई परिभाषा देगी।

अगर ट्रायल सफल रहते हैं, तो जल्द ही लाखों यात्री रात की इस प्रीमियम रेल यात्रा का अनुभव कर सकेंगे।

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