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20 Jan 2026, Tue

पटना हॉस्टल कांड: नीट छात्रा मौत मामले में बड़ा सुराग, SIT को मिली पर्सनल डायरी और आखिरी कॉल से खुले नए राज़

पटना हॉस्टल कांड: नीट छात्रा मौत मामले में बड़ा सुराग, SIT को मिली पर्सनल डायरी और आखिरी कॉल से खुले नए राज़

पटना में हुई नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। हॉस्टल में संदिग्ध हालात में मिली छात्रा की मौत को लेकर जहां शुरू में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी, वहीं अब विशेष जांच टीम (SIT) के हाथ लगे एक अहम सबूत ने इस केस को और गंभीर बना दिया है।

जांच एजेंसियों को मृतका की पर्सनल डायरी और आखिरी फोन कॉल का रिकॉर्ड मिला है, जिसे अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सुराग माना जा रहा है। इन दोनों साक्ष्यों से छात्रा के मानसिक हालात, उसके रिश्तों और मौत से पहले की गतिविधियों पर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।


क्या है पूरा मामला?

यह घटना पटना के एक निजी छात्रावास (हॉस्टल) की है, जहां एक नीट अभ्यर्थी छात्रा अपने कमरे में मृत पाई गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार:

  • छात्रा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

  • वह हाल के दिनों में तनाव में थी।

  • शव कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।

मामले की संवेदनशीलता और परिजनों के आरोपों को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच के लिए SIT का गठन किया था।


क्यों खबरों में है?

  • SIT को जांच के दौरान छात्रा की पर्सनल डायरी बरामद हुई है।

  • मृतका के मोबाइल से उसकी आखिरी कॉल डिटेल्स भी सामने आई हैं।

  • इन दोनों सबूतों को अब केस की दिशा तय करने वाला टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि ये सुराग
मौत की असली वजह तक पहुँचने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।


पर्सनल डायरी में क्या मिला?

SIT को मृतका के कमरे से मिली पर्सनल डायरी में:

  • उसकी रोज़मर्रा की भावनाएँ,

  • पढ़ाई का दबाव,

  • कुछ निजी रिश्तों के संकेत,

  • और हालिया तनाव से जुड़े कई उल्लेख मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक:

  • छात्रा ने कुछ पन्नों में
    मानसिक दबाव और अकेलेपन का ज़िक्र किया था।

  • कुछ नाम और घटनाएँ भी दर्ज हैं,
    जिनसे यह संकेत मिलता है कि
    वह किसी व्यक्तिगत परेशानी से गुजर रही थी।

अब SIT:

  • इस डायरी की हस्तलेखन जांच करा रही है,

  • और इसमें लिखे नामों व संदर्भों के आधार पर
    संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।


आखिरी कॉल: किससे की थी बातचीत?

जांच में सामने आया दूसरा अहम पहलू है
मृतका की आखिरी फोन कॉल

मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के अनुसार:

  • मौत से कुछ घंटे पहले
    छात्रा ने एक व्यक्ति से
    लंबी बातचीत की थी।

  • यह कॉल अब
    SIT की जांच का केंद्र बिंदु बन गई है।

सूत्र बताते हैं कि:

  • उस व्यक्ति की पहचान कर ली गई है।

  • उससे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

  • यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि
    बातचीत का विषय क्या था और
    क्या उस कॉल का
    छात्रा की मानसिक स्थिति पर कोई प्रभाव पड़ा।


आत्महत्या या कुछ और?

शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को
आत्महत्या का संदिग्ध मामला माना था।
लेकिन परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए:

  • कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद नहीं था।

  • कुछ चोट के निशान संदिग्ध बताए गए।

  • हॉस्टल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे।

इन्हीं कारणों से:

  • मामला सिर्फ आत्महत्या नहीं,

  • बल्कि आत्महत्या के लिए उकसाने या साजिश के एंगल से भी
    जांचा जा रहा है।

SIT अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि:

  • क्या छात्रा पर किसी प्रकार का
    मानसिक या भावनात्मक दबाव डाला गया था?

  • क्या कोई व्यक्ति उसे
    लगातार परेशान कर रहा था?

  • या यह महज़ परीक्षा के तनाव का नतीजा था?


हॉस्टल प्रशासन की भूमिका

जांच के दायरे में अब
हॉस्टल प्रबंधन भी आ गया है।

SIT इन बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  • घटना के समय
    हॉस्टल में कौन-कौन मौजूद था?

  • सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक तो नहीं हुई?

  • क्या छात्रा ने पहले कभी
    किसी शिकायत की थी?

कई कर्मचारियों और
छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।


परिजनों का आरोप और मांग

मृतका के परिजनों का कहना है कि:

  • उनकी बेटी मानसिक रूप से मज़बूत थी।

  • वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी।

  • इस मामले में
    सच्चाई छिपाई जा रही है।

परिजनों ने मांग की है कि:

  • मामले की निष्पक्ष जांच हो,

  • दोषियों को सख्त सज़ा मिले,

  • और यह सुनिश्चित किया जाए कि
    भविष्य में छात्रों की सुरक्षा के लिए
    ठोस व्यवस्था बने।


शिक्षा व्यवस्था और बढ़ता तनाव

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं,
बल्कि यह देश में
प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव की
गंभीर तस्वीर भी पेश करता है।

नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में:

  • छात्र मानसिक तनाव,

  • अकेलापन,

  • और असफलता के डर से
    गंभीर दबाव में रहते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में
    मानसिक स्वास्थ्य सहायता अनिवार्य होनी चाहिए।

  • समय रहते काउंसलिंग से
    कई जानें बचाई जा सकती हैं।


आगे की जांच और संभावित दिशा

SIT अब:

  • डायरी की फॉरेंसिक जांच,

  • कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण,

  • और संबंधित लोगों से पूछताछ
    के आधार पर
    मामले की अंतिम कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।

अगले कुछ दिनों में:

  • आरोपी या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान,

  • मौत की असली वजह,

  • और घटना की पूरी टाइमलाइन
    सामने आने की संभावना है।


निष्कर्ष

पटना हॉस्टल कांड में
पर्सनल डायरी और आखिरी कॉल
इस मामले के अब तक के
सबसे मजबूत सुराग बनकर उभरे हैं।

यह केस केवल एक छात्रा की मौत की जांच नहीं,
बल्कि:

  • छात्र सुरक्षा,

  • मानसिक स्वास्थ्य,

  • हॉस्टल व्यवस्था,

  • और शिक्षा प्रणाली की
    कई कमजोरियों को उजागर करता है।

अब पूरे राज्य की निगाहें
SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं,
जिससे यह तय होगा कि
यह मामला आत्महत्या था
या इसके पीछे
कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

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