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21 Jan 2026, Wed

किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से भारी तबाही की आशंका

किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से भारी तबाही की आशंका

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चाशोटी में बादल फटने से मची तबाही, मचैल माता यात्रा पर भी असर

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के चाशोटी इलाके में गुरुवार को बादल फटने की गंभीर घटना सामने आई है, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। यह इलाक़ा प्रसिद्ध मचैल माता यात्रा का शुरुआती प्वाइंट है, और घटना के समय यात्रा भी जारी थी, जिसके चलते वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

फ्लैश फ्लड से बिगड़े हालात

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बादल फटने के तुरंत बाद चाशोटी इलाके में फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई। पानी के तेज़ बहाव ने आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मचा दी। चश्मदीदों के अनुसार, तेज़ रफ्तार पानी और मलबे ने कई स्थानों को नुकसान पहुंचाया है, हालांकि आधिकारिक रूप से नुकसान के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं।

प्रशासन ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य

किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर भेजे गए हैं। सिविल डिफेंस, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से भी घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई है। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा—

“किश्तवाड़ के चाशोटी में बादल फटने की घटना से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं।”

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह का बयान

जम्मू-कश्मीर से लोकसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने भी X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बादल फटने से काफी नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा—

“प्रशासन अलर्ट पर है और तुरंत राहत व बचाव कार्य के लिए टीमें भेजी गई हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक राहत व स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है। हर संभव मदद दी जाएगी।”

स्थानीय विधायक ने जताई चिंता

इस इलाके के विधायक सुनील कुमार शर्मा ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारी नुकसान होने की आशंका है, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया—

“अभी मचैल माता यात्रा चल रही है, इस वजह से इलाके में भीड़भाड़ थी। प्रशासन राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।”

मचैल माता यात्रा पर असर

चाशोटी से होकर गुजरने वाली मचैल माता यात्रा में हर साल हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस घटना के चलते यात्रियों में डर और असमंजस का माहौल है। कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन यात्रा के रूट और सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा कर रहा है।

क्यों होता है बादल फटना?

विशेषज्ञों के अनुसार, बादल फटना एक मौसम संबंधी चरम घटना है, जिसमें कम समय में अत्यधिक मात्रा में बारिश एक छोटे से क्षेत्र में हो जाती है। यह आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में होता है और इसका परिणाम भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और व्यापक तबाही के रूप में सामने आता है। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।

स्थानीय लोगों की परेशानी

घटना के बाद स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। कई लोगों के घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा है। मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं में भी बाधा की खबरें हैं, जिससे राहत कार्यों में समन्वय की चुनौती बढ़ गई है।

सरकार और प्रशासन की प्राथमिकताएं

  • प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना।

  • घायलों का तुरंत इलाज सुनिश्चित करना।

  • मलबा हटाने और रास्ते खोलने का काम।

  • यात्रा के रूट पर सुरक्षा और सुविधा बढ़ाना।

निष्कर्ष

किश्तवाड़ के चाशोटी में बादल फटने की यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है, बल्कि यह इस बात की भी याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर आपदा प्रबंधन तंत्र की आवश्यकता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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