उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: सीपी राधाकृष्णन ने दाखिल किया नामांकन, पीएम मोदी बने प्रस्तावक, NDA ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन
भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके प्रस्तावक बने, जबकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा और सहयोगी दलों के दिग्गज नेताओं की भारी मौजूदगी ने इसे एक तरह का पावर शो बना दिया।
नामांकन के समय NDA का शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के समय संसद परिसर में देश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, जेडीयू सांसद लल्लन सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान सहित कई अन्य नेता शामिल हुए। एनडीए के इस सामूहिक प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि गठबंधन पूरी मजबूती के साथ इस चुनाव में उतरा है और उसके भीतर किसी भी तरह की दरार नहीं है।
नामांकन से पहले महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
नामांकन दाखिल करने से पहले सीपी राधाकृष्णन ने संसद परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, किरण रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, धर्मेंद्र प्रधान, राम मोहन नायडू किंजरापु, एल. मुरुगन और भाजपा नेता विनोद तावड़े भी मौजूद रहे। यह दृश्य यह दिखाता है कि राधाकृष्णन अपने चुनावी अभियान की शुरुआत गांधी जी के आदर्शों और उनके संदेश से करना चाहते हैं।
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
सीपी राधाकृष्णन का नाम भारतीय राजनीति में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वे दो बार कोयम्बटूर से भाजपा सांसद रह चुके हैं और लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्हें पार्टी का भरोसेमंद और सुलझा हुआ चेहरा माना जाता है। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राधाकृष्णन का नामांकन यह भी दर्शाता है कि भाजपा और एनडीए ने ऐसे नेता को चुना है जो संगठन, प्रशासन और राजनीति – तीनों क्षेत्रों में अनुभव रखते हैं।
विपक्ष का उम्मीदवार – बी. सुदर्शन रेड्डी
एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन की सीधी टक्कर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी से होगी। विपक्ष अपने उम्मीदवार का नामांकन 21 अगस्त को दाखिल करेगा। रेड्डी एक वरिष्ठ न्यायविद हैं और उनका नाम विपक्ष ने यह संदेश देने के लिए आगे बढ़ाया है कि उपराष्ट्रपति पद पर संविधान और न्याय व्यवस्था की गहरी समझ रखने वाला व्यक्ति होना चाहिए।
चुनाव और नतीजे – 9 सितंबर को होगा फैसला
उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान 9 सितंबर 2025 को होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार का चुनाव दिलचस्प इसलिए भी है क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में एनडीए की मजबूत स्थिति है, जिससे राधाकृष्णन की जीत की संभावना अधिक मानी जा रही है। हालांकि विपक्ष भी अपनी एकजुटता और राजनीतिक संदेश को लेकर इस चुनाव में पूरी तरह सक्रिय है।
राजनीतिक महत्व
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव केवल एक संवैधानिक औपचारिकता भर नहीं है। यह सत्ता संतुलन और गठबंधन की मजबूती का भी प्रतीक होता है। इस बार नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शीर्ष मंत्रियों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा इस चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है। दूसरी ओर, विपक्ष द्वारा पूर्व जज को उम्मीदवार बनाना उनके रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
निष्कर्ष
सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के साथ ही उपराष्ट्रपति चुनाव की औपचारिक शुरुआत हो गई है। अब 9 सितंबर का दिन यह तय करेगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा। एक ओर जहां एनडीए अपने अनुभव, संगठनात्मक ताकत और संसदीय बहुमत पर भरोसा जता रहा है, वहीं विपक्ष जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह भी मजबूत और वैचारिक रूप से एकजुट है। नतीजा चाहे जो भी हो, लेकिन इस चुनाव ने पहले ही भारतीय राजनीति में नई हलचल और दिलचस्पी पैदा कर दी है।
