झारखंड के दुमका जिले से एक हृदय विदारक वारदात सामने आई है। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चोरकट्टा गांव में अज्ञात अपराधियों ने बुधवार की रात एक वृद्ध दंपति की घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस डबल मर्डर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग दहशत में हैं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान नवगोपाल साहा ऊर्फ मथुरा साहा और उनकी पत्नी के रूप में हुई है। दोनों दंपति घर पर अकेले थे क्योंकि बेटा-बहू समेत परिवार के अन्य सदस्य मनसा पूजा में शामिल होने के लिए जिले से बाहर गए हुए थे।
जब बुधवार की देर शाम परिवार के सदस्य घर लौटे तो उन्हें अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। शक होने पर जब वे कमरे में पहुंचे तो माता-पिता के खून से लथपथ शव देखकर दंग रह गए। मथुरा साहा का शव पलंग के नीचे चादर से ढका हुआ मिला, जबकि उनकी पत्नी का शव दरवाजे के पास पड़ा था।
हत्या की आशंका और घटनास्थल का मंजर
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि दंपति को मंगलवार की शाम तक जिंदा देखा गया था। आशंका जताई जा रही है कि वारदात मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह को अंजाम दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला बेहद नृशंस प्रतीत होता है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों की हत्या डंडे से पीट-पीटकर और धारदार हथियार से वार कर की गई है। इस वारदात की क्रूरता ने पूरे गांव को हिला दिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना प्रभारी सत्यम कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घर की बारीकी से जांच की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी सत्यम कुमार ने बताया कि हत्या की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है। सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है—चाहे वह लूटपाट की मंशा हो, पुरानी रंजिश या कोई और निजी विवाद।
दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और कहा कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हत्यारे को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा।
ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश
इस दोहरे हत्याकांड से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि साहा दंपति शांत स्वभाव के थे और गांव में उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में यह घटना सभी के लिए चौंकाने वाली है।
ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए। कई लोग इस बात से भी चिंतित हैं कि जब परिवार पूजा के लिए बाहर था, तब अपराधियों ने मौके का फायदा उठाकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब घर के अंदर घुसकर किसी वृद्ध दंपति की बेरहमी से हत्या हो सकती है, तो ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ना स्वाभाविक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस गश्त और खुफिया निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी वारदातों को रोका जा सके।
आगे की राह
पुलिस इस मामले की जांच को प्राथमिकता दे रही है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही हत्यारों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना न केवल साहा परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव और जिले के लिए एक गहरा सदमा है। ग्रामीण चाहते हैं कि अपराधियों को सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना दोबारा करने की हिम्मत न कर सके।
निष्कर्ष
दुमका जिले के चोरकट्टा गांव में हुए इस डबल मर्डर ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। वृद्ध दंपति की घर में घुसकर निर्मम हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा और न्याय मिलेगा।
