वनडे टीम की कप्तानी पर सस्पेंस: रोहित के बाद किसे मिलेगी कमान? सामने आया चौंकाने वाला नाम
भारतीय क्रिकेट इस समय एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि टीम इंडिया की अगली कमान किसके हाथों में होगी, खासकर वनडे क्रिकेट में? लंबे समय तक माना जा रहा था कि युवा बल्लेबाज शुभमन गिल ही रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी होंगे, लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है।
हाल ही में आई दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, BCCI ने शुभमन गिल की बजाय श्रेयस अय्यर को वनडे टीम का भविष्य का कप्तान मानने का मन बना लिया है। यह खबर सामने आते ही क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा छिड़ गई है – आखिर क्यों गिल नहीं और अय्यर क्यों? आइए विस्तार से समझते हैं।
शुभमन गिल पर क्यों नहीं बनी बात?
शुभमन गिल को हमेशा से भारत का अगला बड़ा क्रिकेटिंग स्टार माना जाता है। उनकी बल्लेबाजी तकनीक और निरंतरता ने उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे रखा। एशिया कप 2025 में गिल को उपकप्तान भी बनाया गया था। इतना ही नहीं, इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्होंने कप्तानी करते हुए सीरीज को ड्रॉ कराया था, जिससे उनकी लीडरशिप स्किल्स भी साबित हुईं।
लेकिन BCCI सूत्रों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, ODI और T20I) में कप्तानी करना बहुत मुश्किल काम है। कप्तान बनने का मतलब सिर्फ मैदान पर फैसले लेना नहीं है, बल्कि मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर भारी दबाव झेलना भी है। लगातार क्रिकेट और टूर्नामेंट्स की वजह से गिल को ऑल-फॉर्मेट कप्तानी देने का विचार छोड़ दिया गया।
इसलिए तय किया गया कि गिल को फिलहाल टेस्ट कप्तानी तक सीमित रखा जाए, ताकि वे वहां अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें और उन पर अतिरिक्त दबाव न आए।
श्रेयस अय्यर क्यों बने दावेदार?
वनडे कप्तानी के लिए अब सबसे बड़ा नाम श्रेयस अय्यर का उभरकर सामने आया है। इसके पीछे कई मजबूत तर्क भी हैं।
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वनडे में शानदार रिकॉर्ड – अय्यर ने अब तक 70 वनडे मैचों में 2845 रन बनाए हैं, जिनमें 5 शतक और कई अहम पारियां शामिल हैं।
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लगातार प्रदर्शन – हाल ही में हुई चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान अय्यर ने 15, 56, 79, 45 और 48 रन की पारियां खेलीं और टीम को स्थिरता दी। यह दिखाता है कि दबाव की स्थिति में भी वे जिम्मेदारी उठाने को तैयार रहते हैं।
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मिडिल-ऑर्डर की मजबूती – अय्यर को भारतीय वनडे टीम के भरोसेमंद मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में देखा जाता है। उनका स्ट्राइक रोटेट करना और लंबी पारी खेलने की क्षमता टीम के लिए बहुत अहम है।
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लीडरशिप क्वालिटी – अय्यर IPL में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी कर चुके हैं और वहां उन्होंने अच्छे फैसले लेने की क्षमता दिखाई थी। BCCI मानती है कि उनका शांत और संतुलित रवैया वनडे कप्तानी के लिए उन्हें सही विकल्प बनाता है।
क्यों नहीं सूर्यकुमार यादव?
वनडे कप्तानी के अन्य विकल्पों में सूर्यकुमार यादव का नाम भी चर्चा में आया था। लेकिन उनकी उम्र अब 34 वर्ष से अधिक हो चुकी है। ऐसे में उन्हें लंबी अवधि का कप्तान बनाना BCCI के लिए तर्कसंगत कदम नहीं लगता। बोर्ड चाहता है कि कप्तानी एक ऐसे खिलाड़ी को दी जाए जो अगले 5-6 साल तक टीम को स्थिरता प्रदान कर सके।
अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कप्तान की रणनीति
BCCI की नई सोच यही है कि तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान रखे जाएं। इससे खिलाड़ियों पर बोझ कम होगा और टीम को बेहतर लीडरशिप मिलेगी।
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टेस्ट में शुभमन गिल – युवा खिलाड़ी होने के साथ-साथ वे लंबे फॉर्मेट के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
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वनडे में श्रेयस अय्यर – अनुभव और निरंतरता की वजह से वे इस जिम्मेदारी के बड़े दावेदार हैं।
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T20I में हार्दिक पांड्या – छोटे फॉर्मेट में उनकी आक्रामकता और रणनीति उन्हें कप्तानी का दावेदार बनाती है।
यह रणनीति इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों ने पहले ही अपनाई है और सफलता भी पाई है।
फैंस के बीच नई बहस
यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रेयस अय्यर vs शुभमन गिल की बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग मानते हैं कि गिल जैसे युवा और करिश्माई बल्लेबाज को ही तुरंत कप्तानी मिलनी चाहिए थी, ताकि वे लम्बे समय तक टीम को लीड कर सकें। वहीं दूसरी ओर, कई फैंस का कहना है कि अय्यर का अनुभव और स्थिरता फिलहाल भारत को ज्यादा फायदा दे सकती है।
नतीजा
यह तय है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद भारतीय क्रिकेट में एक नया युग शुरू होने वाला है। कप्तानी जैसे अहम फैसले में BCCI ने काफी सोच-समझकर कदम उठाया है। शुभमन गिल को फिलहाल टेस्ट तक सीमित रखना और श्रेयस अय्यर को वनडे में मौका देना टीम इंडिया के लिए संतुलित और व्यावहारिक फैसला हो सकता है।
अब देखना होगा कि क्या अय्यर इस जिम्मेदारी पर खरे उतरते हैं और क्या गिल वाकई भारत के अगले ऑल-फॉर्मेट कप्तान बन पाते हैं। लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में कप्तानी को लेकर बहस और रोमांच दोनों चरम पर रहेंगे।
