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21 Jan 2026, Wed

कभी नहीं किया अल्पसंख्यकों से भेदभाव, मदरसा शिक्षकों को नीतीश कुमार ने दिलाया भरोसा

कभी नहीं किया अल्पसंख्यकों से भेदभाव, मदरसा शिक्षकों को नीतीश कुमार ने दिलाया भरोसा

नीतीश कुमार ने मुस्लिम समाज को दिलाया भरोसा: “कभी नहीं किया भेदभाव, मदरसा शिक्षकों को मिल रहा समान वेतन”

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समुदाय को साधने की कोशिश तेज कर दी है। गुरुवार को बापू सभागार में आयोजित बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा सभी वर्गों के साथ न्याय किया है और विकास कार्यों में कभी भेदभाव नहीं किया।

नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 से पहले राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ था। “एनडीए की सरकार बनने के बाद ही मुसलमानों के लिए योजनाएं शुरू की गईं। 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई। आज मदरसा शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के बराबर समान वेतन दिया जा रहा है। पहले इन्हें मानदेय तक समय पर नहीं मिलता था,” सीएम ने कहा।


मदरसा बोर्ड के 100 वर्ष पूरे, नीतीश ने की उपलब्धियों की गिनती

कार्यक्रम में करीब 15 हजार लोगों की उपस्थिति रही। इस मौके पर सीएम ने बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड की 100वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बताया और कहा कि उनकी सरकार ने मदरसा शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे पहले की सरकारें कुछ नहीं करती थीं। जब हमारी सरकार बनी तो काम शुरू हुआ। आज बिहार में कानून का राज है, पहले झगड़े और दंगे बहुत होते थे।”


भागलपुर दंगे के दोषियों पर कार्रवाई

सीएम ने याद दिलाया कि 2005 में एनडीए की सरकार बनने के बाद भागलपुर दंगे के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सरकार हर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने में विश्वास रखती है।


मुस्लिम समाज के लिए योजनाएं और आश्वासन

नीतीश कुमार ने मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। उन्होंने कुछ योजनाओं का जिक्र भी किया—

  • परित्यक्त मुस्लिम महिलाओं को ₹25,000 की सहायता राशि दी जा रही है।

  • कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई।

  • मदरसा शिक्षकों को अब सरकारी शिक्षकों की तरह समान वेतन मिल रहा है।

  • अल्पसंख्यक छात्रों की शिक्षा के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।

सीएम ने मुस्लिम समाज से अपील की, “अपनी पत्नियों को मत छोड़िए। सरकार उनके लिए योजना चला रही है।”


“सभी वर्गों के लिए काम किया”

नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ अल्पसंख्यक ही नहीं बल्कि सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है। “चाहे पिछड़ा हो, दलित हो या महादलित—हर वर्ग को लाभ पहुंचाने का काम हमारी सरकार ने किया है। पहले बिजली की स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन आज मुफ्त में लोगों को बिजली मिल रही है।”


राजनीतिक संदेश और चुनावी समीकरण

बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। ऐसे में सीएम नीतीश कुमार का यह बयान चुनावी दृष्टि से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एनडीए मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है, जिसे परंपरागत रूप से महागठबंधन का समर्थक माना जाता है।

हालांकि, नीतीश कुमार ने अपने भाषण में विपक्ष पर भी परोक्ष हमला किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें अल्पसंख्यक समाज की बेहतरी के लिए कुछ नहीं करती थीं। “हमने कभी भेदभाव नहीं किया। समाज के हर वर्ग को बराबर सम्मान और अवसर मिले, यही हमारी सोच है।”


नतीजा

बापू सभागार से दिए गए नीतीश कुमार के इस संदेश ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए अल्पसंख्यक समुदाय तक अपना भरोसा मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रहा है। सीएम ने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया बल्कि यह भी कहा कि मुस्लिम समाज की समस्याओं का तुरंत समाधान होगा।

बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच नीतीश कुमार का यह आश्वासन कितना असर डालेगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना तय है कि अल्पसंख्यकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सीएम ने चुनावी रणनीति का एक बड़ा संकेत जरूर दे दिया है।

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