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21 Jan 2026, Wed

ई-पासपोर्ट: क्या है इसके फायदे और नुकसान? कितना सुरक्षित है नया सिस्टम?

ई-पासपोर्ट: क्या है इसके फायदे और नुकसान? कितना सुरक्षित है नया सिस्टम?

ई-पासपोर्ट: क्या है इसके फायदे और नुकसान? कितना सुरक्षित है नया सिस्टम?


📌 प्रस्तावना

भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत ई-पासपोर्ट (e-Passport) की शुरुआत की है। यह पारंपरिक पासपोर्ट की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और आधुनिक तकनीक से लैस माना जा रहा है। लेकिन क्या यह वास्तव में उतना फायदेमंद है, जितना बताया जा रहा है? आइए विस्तार से जानते हैं।


📖 ई-पासपोर्ट क्या है?

ई-पासपोर्ट एक ऐसा डिजिटल पासपोर्ट है, जिसमें धारक की जानकारी एक इलेक्ट्रॉनिक चिप में सुरक्षित रहती है।

इस चिप में सेव होती हैं:

  • 🧾 व्यक्तिगत विवरण (नाम, जन्मतिथि, पता)

  • 📸 पासपोर्ट होल्डर की फोटो

  • ✋ बायोमेट्रिक डाटा (फिंगरप्रिंट, आई-स्कैन)

  • 🔐 सुरक्षा कोड

👉 इसकी मदद से एयरपोर्ट पर पहचान की प्रक्रिया सेकंडों में पूरी हो जाती है।


⚖️ नॉर्मल पासपोर्ट बनाम ई-पासपोर्ट

पहलू नॉर्मल पासपोर्ट ई-पासपोर्ट
जानकारी केवल लिखित रूप में लिखित + इलेक्ट्रॉनिक चिप
सुरक्षा नकली बन सकता है डुप्लीकेट लगभग असंभव
वेरिफिकेशन मैन्युअल जांच मशीन से तुरंत जांच
तकनीक पारंपरिक एडवांस और आधुनिक

✅ ई-पासपोर्ट के फायदे

🔹 तेज़ वेरिफिकेशन – एयरपोर्ट पर लंबी कतारों से निजात, चेकिंग होगी सेकंडों में।
🔹 बेहद सुरक्षित – चिप में सेव डाटा हैक करना बेहद मुश्किल।
🔹 वैश्विक मान्यता – कई देशों में पहले से प्रचलित, भारत अब उनकी कतार में।
🔹 भविष्य की तकनीक – पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम की ओर कदम।


⚠️ संभावित नुकसान

🔸 प्राइवेसी खतरे में – हैकिंग की आशंका बनी रहती है।
🔸 तकनीकी गड़बड़ियां – चिप खराब होने या मशीन फेल होने पर दिक्कत।
🔸 लागत अधिक – नॉर्मल पासपोर्ट से महंगा हो सकता है।
🔸 निर्भरता मशीन पर – तकनीक फेल हुई तो यात्री फंस सकते हैं।


🇮🇳 भारत में ई-पासपोर्ट की शुरुआत

  • वर्ष 2022 में ऐलान हुआ था।

  • अब इसे धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।

  • पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर इसे उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • ICAO मानकों के अनुसार बनाया जा रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य हो।


✈️ यात्रियों के लिए फायदे

✔️ इमीग्रेशन प्रक्रिया बेहद आसान
✔️ पासपोर्ट खोने पर भी डाटा सुरक्षित
✔️ नकली पासपोर्ट का खतरा कम
✔️ भारत की वैश्विक छवि मज़बूत


🔎 विशेषज्ञों की राय

  • साइबर एक्सपर्ट्स: सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा, लेकिन हैकिंग से बचाव पर काम ज़रूरी।

  • ट्रैवल एजेंट्स: यात्रियों का समय बचेगा, एयरपोर्ट पर भीड़ घटेगी।

  • प्रशासनिक अधिकारी: भारत को डिजिटल ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ने वाला अहम कदम।


🏁 निष्कर्ष

ई-पासपोर्ट निस्संदेह नॉर्मल पासपोर्ट की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, तेज़ और एडवांस है। यह भारत को डिजिटल और आधुनिक राष्ट्र की ओर ले जाने वाला कदम है। हालांकि, इसकी प्राइवेसी और तकनीकी चुनौतियों को गंभीरता से लेना होगा।

👉 यदि सरकार फीस को आम लोगों की पहुंच में रखे और साइबर सुरक्षा मजबूत करे, तो आने वाले समय में ई-पासपोर्ट हर भारतीय के लिए एक वरदान साबित होगा।

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