Bihar Election 2025: प्रियंका गांधी की सीतामढ़ी में हुंकार, पीएम मोदी की भागलपुर और फारबिसगंज रैलियों से चुनावी जंग गरमाई
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अपने चरम पर है।
पहले चरण के मतदान के बीच आज राज्य में सियासी सरगर्मी अपने शिखर पर पहुंच गई है।
जहां एक ओर कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा सीतामढ़ी में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर सीधा हमला करने जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भागलपुर और फारबिसगंज में दो विशाल जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं।
दोनों दिग्गज नेताओं की ये रैलियाँ न केवल बिहार के चुनावी परिदृश्य को गरमाने वाली हैं, बल्कि दूसरे चरण की राजनीतिक रणनीति को भी नई दिशा देंगी।
🗳️ पहले चरण की वोटिंग जोरों पर
आज बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और युवाओं में उत्साह ज्यादा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अब तक मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है और संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।
पहले चरण की वोटिंग के साथ ही अब सियासी मैदान में “स्टार कैंपेनर्स” की एंट्री ने माहौल को और अधिक ऊर्जावान बना दिया है।
🎤 प्रियंका गांधी की सीतामढ़ी रैली: महंगाई-बेरोजगारी पर सीधा वार
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज सीतामढ़ी के रीगा फुटबॉल मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने जा रही हैं।
उनकी रैली दोपहर 1 बजे निर्धारित है, जो कांग्रेस उम्मीदवार अमित कुमार टुन्ना के समर्थन में आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम स्थल पर पहले से ही जबरदस्त तैयारियाँ की गई हैं —
पोस्टर, बैनर और मंच सजावट के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है।
रैली में प्रियंका गांधी के महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका अपने भाषण में केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर ‘जनता से कटे होने’ का आरोप लगा सकती हैं।
कांग्रेस इस चुनाव में ग्राउंड इश्यूज़ और इमोशनल अपील दोनों को एक साथ साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं —
रीगा मैदान में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, महिला पुलिस बल की तैनाती और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई है।
भीड़ के भारी जमाव की संभावना को देखते हुए पार्किंग और ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किए गए हैं।
🇮🇳 पीएम मोदी की डबल रैलियाँ: एनडीए के लिए शक्ति प्रदर्शन
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार में दो बड़े चुनावी रैलियों के ज़रिए एनडीए के लिए शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुबह 11 बजे उन्होंने भागलपुर एयरपोर्ट मैदान से अपनी पहली रैली की शुरुआत की।
यहां पीएम मोदी ने भागलपुर और बांका जिलों की 21 विधानसभा सीटों को साधने का प्रयास किया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भागलपुर, नवगछिया, मुंगेर और बांका इलाकों से हजारों की संख्या में भीड़ रैली स्थल पर पहुंची।
उनके भाषण के दौरान “फिर एक बार, मोदी सरकार” के नारे गूंजते रहे।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा —
“बिहार ने विकास की नई दिशा पकड़ी है। एनडीए सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस काम किया है। अब इस रफ्तार को कोई रोक नहीं सकता।”
उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि “कुछ दल सिर्फ परिवार के लिए काम करते हैं, जबकि हमारी सरकार हर गरीब के परिवार के लिए काम करती है।”
📍 फारबिसगंज में दूसरी रैली: पूर्वी बिहार पर फोकस
भागलपुर के बाद पीएम मोदी की दूसरी रैली अररिया जिले के फारबिसगंज में आयोजित की गई है।
यहां 9 विधानसभा क्षेत्रों के एनडीए उम्मीदवार मौजूद रहेंगे।
मोदी की रैली को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाई गई है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मैदान में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना है।
जनसभा स्थल पर हेलीकॉप्टर से विशेष निगरानी रखी जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि पीएम मोदी की ये रैलियाँ न केवल एनडीए के समर्थन को मजबूती देंगी, बल्कि दूसरे चरण की वोटिंग से पहले मूड सेट करने में भी अहम भूमिका निभाएँगी।
⚖️ राजनीतिक माहौल गरम, जनता का मूड दिलचस्प
बिहार में जैसे-जैसे चुनावी चरण आगे बढ़ रहे हैं, राजनीतिक माहौल और गर्म होता जा रहा है।
पहले चरण की वोटिंग के साथ ही अब सभी दलों का फोकस दूसरे चरण पर है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रियंका गांधी और पीएम मोदी की आज की सभाएँ चुनावी नैरेटिव तय करने में अहम साबित होंगी।
जहां कांग्रेस “महंगाई-बेरोजगारी” के मुद्दे पर जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं एनडीए “विकास और स्थिरता” के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है।
🔍 निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण उत्साहपूर्ण माहौल में जारी है।
प्रियंका गांधी और प्रधानमंत्री मोदी की आज की सभाएँ इस चुनावी जंग के निर्णायक क्षण बन सकती हैं।
दोनों दल अब पूरी ताकत के साथ दूसरे चरण की तैयारी में जुट गए हैं।
मतदाताओं के मूड से लगता है कि इस बार मुकाबला कांटे का होगा,
जहाँ एक तरफ भावनात्मक अपील और जमीनी मुद्दे हावी हैं,
वहीं दूसरी ओर विकास और स्थिरता की राजनीति अपनी जगह बना रही है।
