Pakistan Forces used Water Cannon on Imran Khan’s Sisters: सर्द रात में पूर्व PM की बहनों पर पानी, पाकिस्तान में बढ़ता दमन और बवाल
पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर गंभीर संकट और टकराव के दौर में प्रवेश कर चुकी है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। लेकिन अब केवल उनकी गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और समर्थकों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार ने देश-विदेश में चिंता बढ़ा दी है।
ताज़ा घटनाक्रम में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर आरोप है कि उन्होंने कड़ाके की ठंड वाली रात में इमरान खान की बहनों और शांतिपूर्वक धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद पाक राजनीति में नया बवाल खड़ा हो गया है और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान की बहनें — अलीमा खान और उज्मा खानम — अपने भाई से मिलने के लिए लगातार अडियाला जेल पहुंच रही थीं। अदालत द्वारा मंगलवार और गुरुवार को मुलाकात की अनुमति दिए जाने के बावजूद, जेल प्रशासन बार-बार मुलाकात से रोक रहा था।
इसी के विरोध में परिवार के सदस्य और PTI कार्यकर्ता जेल के बाहर शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए। आरोप है कि 10 दिसंबर की तड़के, जब तापमान बेहद कम था, तभी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन चला दिया, जिससे कई लोग जमीन पर गिर पड़े।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज पानी की धार के बीच लोग ठंड से बचने के लिए भागते नजर आए। एक वीडियो में शूट कर रहा व्यक्ति चिल्लाते हुए कहता सुना गया — “खान साहब की बहनें गिर गईं।”
PTI का आरोप: शांतिपूर्ण विरोध पर निर्मम कार्रवाई
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस कार्रवाई को “निर्मम और अमानवीय” बताया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कहा कि—
“अदालत के आदेश के बावजूद इमरान खान के परिवार को मिलने से रोका गया और शांतिपूर्ण धरने पर बैठे लोगों पर वाटर कैनन चलाया गया। यह बुनियादी मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है।”
PTI ने यह भी आरोप लगाया कि सर्द रात में पानी की बौछार करना जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
“हमें जानबूझकर मिलने से रोका जा रहा” — अलीमा खान
धरने से पहले मीडिया से बात करते हुए अलीमा खान ने कहा—
“हम पिछले आठ महीनों से यहां आ रहे हैं। हर मंगलवार बैठते हैं, लेकिन हमें इमरान खान से मिलने नहीं दिया जाता। उन्हें यातनाएं दी जा रही हैं, उन्हें गैरकानूनी तौर पर अलग-थलग रखा गया है। यह अत्याचार खत्म होना चाहिए।”
उनके बयान से साफ झलकता है कि परिवार इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।
घायल कार्यकर्ता और बढ़ती चिंताएं
PTI की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, वाटर कैनन के दौरान शाहिद खट्टक की पत्नी उज्मा खान गिर गईं और उन्हें बचाने के प्रयास में शाहिद खट्टक की टांग टूट गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने किसी तरह की चेतावनी दिए बिना बल प्रयोग किया।
घटना के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने भी सवाल उठाए कि क्या शांतिपूर्ण विरोध अब पूरी तरह अस्वीकार्य बन चुका है?
मानवाधिकार संगठनों से गुहार, बहन की शांति की अपील
PTI ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, लोकतांत्रिक देशों और संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वे पाकिस्तान में हो रहे कथित दमन पर खामोश न रहें।
हालांकि, इस बीच इमरान खान की बहन ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की, ताकि हालात और न बिगड़ें। उन्होंने कहा कि संघर्ष को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
वरिष्ठ PTI नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा तनाव
इस धरने में PTI के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए, जिनमें—
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पार्टी के महासचिव सलमान अकरम राजा
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खैबर पख्तूनख्वा के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर खान
इन नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दे दिया कि पार्टी अब इस मुद्दे को अधिक आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है।
इमरान और पाक सत्ता के बीच बढ़ता टकराव
डॉन अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत द्वारा मुलाकात की अनुमति दिए जाने के बावजूद जेल प्रशासन का लगातार अड़ंगा डालना सरकार और PTI के बीच बढ़ते अविश्वास और टकराव को दर्शाता है।
इमरान खान पहले ही कई मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और उनकी सजा को लेकर विवाद जारी है। वहीं उनकी सेहत और मानसिक स्थिति को लेकर भी लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।
“मानसिक यातनाएं दी जा रहीं” — बहन का दावा
2 दिसंबर को, करीब एक महीने बाद, उज्मा खानम को इमरान खान से 20 मिनट की दुर्लभ मुलाकात की अनुमति मिली थी। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा—
“वे शारीरिक रूप से ठीक दिखे, लेकिन मानसिक रूप से भारी दबाव में हैं। उन्हें अलग-थलग रखा जा रहा है। इमरान खान का मानना है कि यह सब सेना प्रमुख असीम मुनीर के इशारे पर हो रहा है।”
पाक सेना और सरकार का पलटवार
इन आरोपों को पाकिस्तान सेना और सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। सेना की ओर से कहा गया कि इमरान खान “मानसिक रूप से अस्थिर और आत्ममुग्ध” हैं।
कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ ने कहा—
“जेल नियमों में राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है। पिछली मुलाकात के दौरान नियम उल्लंघन हुआ, जिसके चलते आगे की मुलाकातों पर रोक लगाई गई।”
इसके बाद सरकार ने उज्मा खान और अन्य परिचितों की भविष्य की मुलाकातों पर प्रतिबंध लगा दिया।
इमरान खान और PTI पर बैन की आहट
इसी बीच, पाकिस्तान के पंजाब विधानसभा में इमरान खान और उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया है। इससे हालात और विस्फोटक हो गए हैं।
PTI समर्थकों का कहना है कि यह सब विपक्ष को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति का हिस्सा है।
निष्कर्ष: पाकिस्तान का लोकतंत्र किस दिशा में?
इमरान खान की बहनों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सर्द रात में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पानी छोड़ना, अदालत के आदेशों की अनदेखी और परिवार की मुलाकातों पर पाबंदी — ये सभी संकेत देते हैं कि राज्य और सत्ता के बीच संघर्ष और गहराता जा रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि अंतरराष्ट्रीय दबाव, आंतरिक विरोध और कानूनी प्रक्रियाएं इस संकट को शांत करती हैं या पाकिस्तान की राजनीति और अधिक अस्थिर होती है।
