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21 Jan 2026, Wed

डोनाल्ड ट्रंप ने लॉन्च किया ‘गोल्ड कार्ड’: तय रकम पर खुला अमेरिकी नागरिकता का नया रास्ता

डोनाल्ड ट्रंप ने लॉन्च किया ‘गोल्ड कार्ड’: तय रकम पर खुला अमेरिकी नागरिकता का नया रास्ता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकता का रास्ता आसान बनाने वाली एक नई और विवादित नीति की घोषणा की है। इस नीति के तहत उन्होंने ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड वीज़ा’ नामक कार्यक्रम को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया है। इस कार्ड के माध्यम से अमीर विदेशी नागरिकों के लिए अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) और बाद में नागरिकता प्राप्त करना पहले से कहीं तेज़ और सरल हो जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआती लागत 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये) रखी गई है, जबकि इसका उच्चतम संस्करण 5 मिलियन डॉलर तक जाता है।

ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमेरिकी आव्रजन नीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। आलोचकों का कहना है कि यह योजना “सिटिजनशिप फॉर सेल” जैसी स्थिति पैदा करती है, जबकि समर्थकों का मानना है कि इससे अमेरिका को आर्थिक रूप से भारी लाभ होगा और वैश्विक प्रतिभाओं को देश में बनाए रखने में मदद मिलेगी।


गोल्ड कार्ड क्या है और यह कैसे काम करेगा?

‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ मूल रूप से एक निवेश-आधारित वीज़ा सिस्टम है, जिसमें आवेदक को अमेरिकी स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) और नागरिकता के लिए तेज़ प्रक्रिया उपलब्ध होती है। यह कार्यक्रम सितंबर में जारी कार्यकारी आदेश Executive Order 14351 पर आधारित है, जिसके तहत “उच्च आय वाले व्यक्तियों” के लिए एक विशेष आव्रजन मार्ग तैयार किया गया था।

गोल्ड कार्ड वीज़ा तीन स्तरों में उपलब्ध कराया गया है—

  1. ट्रंप गोल्ड कार्ड (Individual Level)

  2. ट्रंप कॉरपोरेट गोल्ड कार्ड

  3. ट्रंप प्लेटिनम कार्ड (सबसे ऊँचा स्तर)

इन तीनों विकल्पों के लिए अलग-अलग शुल्क, अधिकार और सुविधाएँ तय की गई हैं।


तीन स्तरों में गोल्ड कार्ड की पूरी व्यवस्था

1. ट्रंप गोल्ड कार्ड – Individual Level

  • शुल्क: USD 1,000,000 (लगभग ₹9 करोड़)

  • DHS प्रोसेसिंग शुल्क: USD 15,000, गैर-वापसी योग्य

  • आवेदक EB-1 या EB-2 श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगे, जो आमतौर पर टॉप रिसर्चर, प्रोफेसर, कलाकार या बिज़नेस लीडर्स के लिए होती है।

  • इस कार्ड के माध्यम से आवेदक को सीधे ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाएगा, जिससे नागरिकता का रास्ता तेजी से खुल जाता है।

2. ट्रंप कॉरपोरेट गोल्ड कार्ड – कंपनियों के लिए

  • शुल्क: USD 2,000,000

  • DHS शुल्क: USD 15,000

  • इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनियाँ अपने विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में स्थायी रूप से रखने के लिए यह कार्ड खरीद सकेंगी।

  • कार्ड एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी को 5% ट्रांसफर शुल्क देकर ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

  • सभी आवेदकों के लिए DHS की सख्त बैकग्राउंड जांच अनिवार्य होगी।

3. ट्रंप प्लेटिनम कार्ड – उच्चतम स्तर (VIP टियर)

  • शुल्क: USD 5,000,000 (लगभग ₹45 करोड़)

  • DHS प्रोसेसिंग शुल्क: USD 15,000

  • लाभ:

    • धारक को प्रतिवर्ष 270 दिन अमेरिका में रहने की अनुमति

    • विदेशी आय पर कोई टैक्स नहीं, जिससे यह विकल्प वैश्विक निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक हो जाता है

  • हालांकि कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट पर प्लेटिनम कार्ड का विकल्प अभी सक्रिय नहीं दिख रहा है।

सभी विकल्पों में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा कुछ अतिरिक्त शुल्क भी लगाए जा सकते हैं।


यह प्रणाली कैसे काम करेगी?

गोल्ड कार्ड की वेबसाइट के अनुसार:

  • आवेदक को पहले USD 15,000 का गैर-वापसी योग्य प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना होगा।

  • इसके बाद आवेदन की तेज़ी से प्रोसेसिंग शुरू होगी और DHS द्वारा बैकग्राउंड जांच की जाएगी।

  • पात्र पाए जाने पर आवेदक को USD 1,000,000 का “गिफ्ट” अमेरिकी सरकार को देना होगा, जिसे इस बात का प्रमाण माना जाएगा कि आवेदक “अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक” है।

  • आवश्यक दस्तावेज और शुल्क समय पर जमा होने पर वीज़ा स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह प्रक्रिया पारंपरिक ग्रीन कार्ड की तुलना में कई गुना तेज़ होगी।


कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव: विदेशी प्रतिभा को तुरंत बनाए रखने का रास्ता

ट्रंप ने कार्ड लॉन्च करते समय कॉरपोरेट गोल्ड कार्ड के महत्व पर विशेष जोर दिया। उनके अनुसार, अमेरिकी कंपनियाँ अक्सर विदेशी छात्रों और प्रतिभाशाली कर्मचारियों को वीज़ा न मिलने या वीज़ा सीमा (caps) के कारण खो देती हैं।

अब कंपनियाँ—

  • सीधे गोल्ड कार्ड खरीदकर

  • किसी भी छात्र या विशेषज्ञ को

  • अमेरिका में स्थायी रूप से रख सकती हैं

ट्रंप ने इस संदर्भ में Apple के CEO टिम कुक का उल्लेख करते हुए कहा कि “कई बड़ी कंपनियाँ वर्षों से इस तरह की प्रणाली की मांग कर रही थीं।”


ग्रीन कार्ड और नागरिकता का तेज़ मार्ग

गोल्ड कार्ड कार्यक्रम आवेदकों को EB-1 या EB-2 वीज़ा श्रेणी में रखता है।
इन श्रेणियों में—

  • ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया तेज़ होती है

  • नागरिकता के लिए प्रतीक्षा अवधि भी कम होती है

ट्रंप का दावा है कि यह “fast track to citizenship” है, जिससे अमेरिका को अरबों डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।


आलोचना और राजनीतिक विवाद

ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमेरिकी राजनीति में एक नए विवाद का कारण बन गया है। आलोचकों का कहना है कि—

  • यह “ब्रोकरेज बेस्ड सिटिजनशिप” है

  • मध्यम वर्ग और गरीब प्रवासियों के लिए भेदभावपूर्ण है

  • अमीरों के लिए नागरिकता का शॉर्टकट तैयार करता है

हालांकि समर्थकों का मानना है कि—

  • अमेरिका को नए समय में अधिक पूंजी और प्रतिभा की आवश्यकता है

  • यह प्रणाली आर्थिक विकास के लिए लाभदायक होगी

  • इससे वैश्विक निवेशकों और उच्च कौशल वाले पेशेवरों को अमेरिका में आकर्षित किया जा सकेगा


स्टैटिक फ़ैक्ट्स

  • कार्यक्रम: ट्रंप गोल्ड कार्ड वीज़ा

  • लॉन्च: दिसंबर 2025

  • व्यक्तिगत शुल्क: USD 1 मिलियन

  • कॉरपोरेट शुल्क: USD 2 मिलियन

  • प्लेटिनम शुल्क: USD 5 मिलियन

  • DHS प्रोसेसिंग शुल्क: USD 15,000

  • वेबसाइट: आधिकारिक आवेदन पोर्टल एक्टिव

  • वीज़ा श्रेणी: EB-1 और EB-2

  • आधार: Executive Order 14351

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