Patna News: जमीन कब्जा, रंगदारी या सरकारी लापरवाही? अब सीधे DM और SP से करें शिकायत — प्रशासन सख्त, लापरवाह अधिकारी नपेंगे
पटना में गुरुवार का दिन प्रशासनिक एक्शन का दिन साबित हुआ। जिला जनता दरबार में डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए आयोजित ग्रामीण एसपी अपराजिता लोहान के जनता दरबार में सैकड़ों लोग जमीन विवाद, अतिक्रमण, रसीद न काटने, रंगदारी व पुलिस लापरवाही जैसी गंभीर शिकायतें लेकर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने जो सख्ती दिखाई, उसने साफ कर दिया कि पटना प्रशासन अब जमीन कब्जे, रंगदारी या राजस्व कर्मचारियों और पुलिस की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।
✅ अगर कोई आपकी जमीन पर कब्जा कर रहा है—तो अब आपकी सुनेगा प्रशासन!
जमीन विवादों में प्रशासन ने अपनी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी स्पष्ट रूप से लागू कर दी है। जनता दरबार में आए अधिकांश मामले जमीन के गलत रजिस्ट्रेशन, अतिक्रमण, रास्ता बंद करने और रंगदारी से जुड़े थे।
डीएम और एसपी दोनों ने कहा—
“किसी भी नागरिक की जमीन पर कब्जा, धमकी या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी।”
🔎 DM का जनता दरबार: 65 शिकायतें सुनीं, कर्मचारियों पर सख्त निर्देश
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के जनता दरबार में 65 लोग पहुंचे। सबसे गंभीर मामला बिहटा से आए सुनील राम का था।
📌 मामला 1: जमीन की रसीद रोक कर बैठा कर्मचारी
सुनील राम ने आरोप लगाया कि बिहटा के कर्मचारी मनीष कुशवाहा जानबूझकर उनकी जमीन की रसीद नहीं काट रहे हैं।
डीएम ने तुरंत बिहटा सीओ को निर्देश दिया:
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पूरे मामले की तत्काल जांच करें
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यदि लापरवाही साबित हुई, तो कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई अनिवार्य है
डीएम का यह निर्देश साफ संकेत देता है कि जमीन की रसीद रोकने या फाइल दबाने जैसी गतिविधियों पर अब कठोर कार्रवाई होगी।
📌 मामला 2: प्लॉट का रास्ता बंद—अतिक्रमण की शिकायत
गौरीचक से आए राकेश कुमार ने बताया कि उनके प्लॉट नंबर 31 का रास्ता अतिक्रमण कर बंद कर दिया गया है।
इस पर डीएम ने:
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पुनपुन सीओ को मौके पर जाकर फील्ड रिपोर्ट देने का निर्देश दिया
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शिकायत को “उच्च प्राथमिकता” में दर्ज किया
📌 मामला 3: निबंधन रोकने की शिकायत
गौरीचक के ध्रुव कुमार ने कहा कि उनकी जमीन के निबंधन पर कृत्रिम रूप से रोक लगा दी गई है।
डीएम ने वहीं से फोन कर जिला अवर निबंधक को त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया।
डीएम का यह सख्त रुख बताता है कि राजस्व विभाग में फाइल दबाना, देरी करना या लोगों को परेशान करना अब भारी पड़ सकता है।
👮♀️ ग्रामीण एसपी अपराजिता लोहान का जनता दरबार: दबंग अराजक तत्वों पर सीधा एक्शन
गांधी मैदान स्थित एसएसपी कार्यालय में लगाए गए ग्रामीण एसपी के जनता दरबार में बाढ़, मोकामा, फतुहा और अन्य ग्रामीण इलाकों से लोग पहुंचे।
📌 दबंगों की रंगदारी: किसान ने बताया—फसल बोने नहीं देते
एक किसान ने बताया कि जैसे ही वे खेत में जाते हैं, दबंग रंगदारी की मांग करते हैं और फसल बोने भी नहीं देते।
एसपी ने:
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तुरंत थानेदार को फोन लगाया
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मौके पर जांच और दबंगों पर कार्रवाई का आदेश दिया
यह कार्रवाई जनता दरबार में मौजूद लोगों के लिए उम्मीद की बड़ी किरण बनकर सामने आई।
📌 पुराने मामलों पर कार्रवाई का निर्देश
एसपी ने कई थानों को चेतावनी देते हुए कहा:
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लंबित मामलों की पेंडेंसी तुरंत खत्म करें
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जमीन कब्जा और रंगदारी को “टॉप प्रायोरिटी” में दर्ज करें
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किसी भी शिकायत को हल्के में न लें
📌 एक थानेदार पर शोकॉज नोटिस
जनता दरबार के दौरान एक मामले में थानेदार की लापरवाही सामने आई।
एसपी ने सीधे आदेश दिया:
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थानेदार को शोकॉज नोटिस जारी
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रिपोर्ट पेश करने की समयसीमा तय
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दोषी पाए जाने पर निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई होगी
एसपी के इस निर्णय ने साफ कर दिया कि ग्रामीण इलाकों में पुलिस व्यवस्था ढीली होने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत जवाब देना होगा।
🛑 पटना प्रशासन का स्पष्ट संदेश — “किसी भी सूरत में कोताही नहीं”
गुरुवार की इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने जनता को भरोसा दिलाया कि:
✔ जमीन कब्जा
✔ रंगदारी
✔ रसीद रोके जाने
✔ अतिक्रमण
✔ पुलिस की लापरवाही
जैसे मामलों में अब शून्य सहनशीलता नीति लागू की जाएगी।
डीएम और एसपी की तेज प्रतिक्रिया देखकर यह स्पष्ट है कि अब:
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फाइल दबाने वाले कर्मियों पर कार्रवाई
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शिकायतें अनसुनी करने वाले अधिकारियों पर शोकॉज
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दबंगों और माफियाओं पर त्वरित पुलिस कार्रवाई
वास्तविकता बनेगी।
🌟 नागरिकों के लिए बड़ा संदेश: अब आपकी शिकायत अनसुनी नहीं होगी
जनता दरबार में जिस तेजी से शिकायतें सुनी गईं और मौके पर फैसले लिए गए, उससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भरोसा बढ़ा है।
अब लोग बेझिझक कह सकते हैं:
“अगर आपकी जमीन पर कोई कब्जा कर रहा है, धमका रहा है, या कर्मचारी फाइल दबा रहा है—तो सीधे DM या SP से शिकायत करें।”
📌 निष्कर्ष
पटना प्रशासन का यह एक्शन न केवल मौजूदा मामलों में राहत देगा बल्कि आने वाले दिनों में राजस्व और पुलिस व्यवस्था को भी मजबूती देगा।
डीएम और एसपी का जनता दरबार में मौजूदगी और मौके पर आदेश देना इस बात का संकेत है कि शासन जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है।
पटना अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है—
जहाँ जनता की आवाज सुनी जाएगी और दबंगई का अंत होगा।
