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21 Jan 2026, Wed

बांग्लादेश पर भारत सख्त, राजदूत को किया तलब; सुरक्षा कारणों से वीज़ा सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित

बांग्लादेश पर भारत सख्त, राजदूत को किया तलब; सुरक्षा कारणों से वीज़ा सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित

भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को किया तलब, ‘सेवन सिस्टर्स’ पर धमकी के बाद बढ़ा तनाव

भारत और बांग्लादेश के संबंधों में एक बार फिर गंभीर तनाव देखने को मिला है। बांग्लादेश के कुछ नए राजनीतिक नेताओं द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दिए गए भड़काऊ और धमकी भरे बयानों के बाद भारत सरकार ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस दौरान बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल और भारत-विरोधी गतिविधियों को लेकर अपनी गहरी चिंता औपचारिक रूप से दर्ज कराई।

यह कूटनीतिक कदम उस वक्त उठाया गया है, जब बांग्लादेश में हाल ही में गठित नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेताओं द्वारा भारत के खिलाफ खुलेआम बयान दिए जा रहे हैं, जिनमें भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठाने जैसी टिप्पणियाँ भी शामिल हैं।


‘सेवन सिस्टर्स’ को लेकर धमकी से भड़का विवाद

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ हाल ही में दिए गए एक बयान में है, जिसमें एनसीपी के दक्षिणी क्षेत्र के मुख्य आयोजक हसनत अब्दुल्ला ने कथित तौर पर यह धमकी दी कि यदि बांग्लादेश में अस्थिरता बढ़ती है तो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को अलग-थलग किया जा सकता है और वहां के अलगाववादी तत्वों को शरण दी जा सकती है।

भारत ने इन बयानों को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया, बल्कि इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना। इन्हीं टिप्पणियों के बाद बांग्लादेश के उच्चायुक्त को नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में तलब किया गया।


विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

MEA के आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को निम्न बिंदुओं से अवगत कराया—

  • बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों की बढ़ती गतिविधियाँ

  • ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के आसपास सुरक्षा स्थिति पैदा करने की योजनाओं की घोषणा

  • भारत के खिलाफ झूठे और भ्रामक नैरेटिव गढ़े जाने पर कड़ी आपत्ति

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत बांग्लादेश में हाल की कुछ घटनाओं को लेकर फैलाए जा रहे झूठे आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है। MEA ने यह भी अफसोस जताया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने न तो इन घटनाओं की गहन जांच की है और न ही भारत के साथ कोई ठोस सबूत साझा किए हैं।


भारत–बांग्लादेश संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत ने इस मौके पर यह भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा—

“भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनकी जड़ें 1971 के मुक्ति संग्राम में हैं। इन संबंधों को जन-से-जन संपर्क, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और विकासात्मक परियोजनाओं ने और मजबूत किया है।”

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का समर्थक है और वहां स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों की वकालत करता रहा है।


भारत-विरोधी मार्च के बीच वीज़ा सेवाओं पर असर

हालाँकि भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से वीज़ा सेवाओं को “निलंबित” करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन सुरक्षा कारणों से ढाका में भारतीय वीज़ा सेवाओं पर अस्थायी असर पड़ा है

ढाका स्थित इंडियन वीज़ा एप्लिकेशन सेंटर (IVAC) ने एक सूचना जारी कर बताया कि—

  • जमुना फ्यूचर पार्क (JFP) स्थित IVAC को सुरक्षा कारणों से दोपहर 2 बजे बंद किया गया

  • जिन आवेदकों की अपॉइंटमेंट थी, उन्हें आगे की तारीखों में पुनर्निर्धारित किया जाएगा

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब बांग्लादेश के एक कट्टरपंथी समूह “जुलाई ओइक्यो (July Oikyo)” द्वारा “मार्च टू इंडियन हाई कमीशन” नाम से एक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई थी।


‘मार्च टू इंडियन हाई कमीशन’ क्यों विवादों में?

यह प्रस्तावित मार्च 2024 के तथाकथित जुलाई विद्रोह से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि—

  • पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना

  • पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल

को कथित मानवाधिकार अपराधों के मामलों में जवाबदेह ठहराया जाए और उन्हें वापस लाया जाए।

भारत को आशंका है कि इस तरह के आयोजनों की आड़ में भारतीय राजनयिक मिशन को निशाना बनाया जा सकता है, जिससे सुरक्षा स्थिति बिगड़ सकती है।


भारत का स्पष्ट संदेश

इस पूरे घटनाक्रम के जरिए भारत ने बांग्लादेश को स्पष्ट संदेश दिया है कि—

  • भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी अस्वीकार्य है

  • राजनयिक मिशनों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय दायित्व है

  • चरमपंथी और उकसावे वाले बयानों से द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचता है

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत फिलहाल संयम के साथ सख्ती की नीति अपना रहा है, ताकि हालात नियंत्रण में रहें लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता न हो।


निष्कर्ष

बांग्लादेश के कुछ राजनीतिक नेताओं की बयानबाज़ी ने भारत–बांग्लादेश संबंधों में अनावश्यक तनाव पैदा किया है। राजदूत को तलब करना और सुरक्षा के मद्देनज़र वीज़ा सेवाओं में अस्थायी बदलाव यह दर्शाता है कि भारत स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन बयानों और सुरक्षा चिंताओं पर क्या ठोस कदम उठाती है।

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