वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स अनुज कुमार सिन्हा नहीं, गलत पहचान से फैल रही भ्रामक जानकारी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसे झारखंड के जमशेदपुर का बताया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति दिन के उजाले में सड़क किनारे कार से कचरा फेंकते हुए दिखाई देता है। जब सड़क की सफ़ाई को लेकर काम करने वाली एक एनजीओ के सदस्य ने उससे सवाल किया, तो वह व्यक्ति बहस करता हुआ नज़र आता है।
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नाराज़गी देखी जा रही है। लेकिन इसी बीच, कुछ यूजर्स द्वारा गलत पहचान करते हुए वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को अनुज कुमार सिन्हा बताया जा रहा है, जो कि प्रभात खबर के पूर्व स्टेट हेड (झारखंड) रह चुके हैं। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत और भ्रामक पाया गया है।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
वायरल वीडियो में—
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एक व्यक्ति कार में बैठकर सड़क किनारे कचरा फेंकता दिख रहा है
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एनजीओ से जुड़े व्यक्ति द्वारा सवाल किए जाने पर वह बहस करता है
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वीडियो को जमशेदपुर का बताया जा रहा है
इसके साथ ही कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने बिना किसी पुष्टि के दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अनुज कुमार सिन्हा है, और कुछ पोस्ट्स में उन्हें पत्रकारिता संस्थान प्रभात खबर से भी जोड़ दिया गया।
Fact Check: अनुज कुमार सिन्हा का क्या कहना है?
इस मामले में जब हमने श्री अनुज कुमार सिन्हा से सीधे बात की, तो उन्होंने वीडियो से किसी भी तरह के संबंध से साफ़ इनकार किया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा—
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“इस वायरल वीडियो से मेरा कोई लेना–देना नहीं है।”
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“मैं पिछले 6 महीने से जमशेदपुर गया ही नहीं हूँ।”
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“जमशेदपुर में मैं 15 साल पहले कार्यरत था, फिलहाल मेरा वहाँ कोई सक्रिय जुड़ाव नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति और उनके चेहरे में कोई समानता नहीं है।
कार नंबर को लेकर भी दावा गलत
श्री सिन्हा ने वायरल दावे की एक और बड़ी खामी की ओर ध्यान दिलाया।
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वायरल वीडियो में जो कार दिखाई दे रही है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर दिल्ली (DL) का है
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जबकि श्री सिन्हा के पास जो कार है, वह झारखंड (JH) में रजिस्टर्ड है
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उनकी कार का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2010 का है
इससे साफ़ होता है कि वायरल वीडियो में दिख रही कार उनकी नहीं है।
एक्स (X) पर श्री सिन्हा की प्रतिक्रिया
वायरल वीडियो के कमेंट सेक्शन में भी श्री सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। उन्होंने लिखा—
“बकवास है। यह गाड़ी मेरी नहीं है।
वीडियो में दिख रही कार का नंबर दिल्ली का है, जबकि मेरी गाड़ी झारखंड में रजिस्टर्ड है।
किसी और अनुज कुमार सिन्हा को प्रभात खबर और मुझसे जोड़ दिया गया है।
जमशेदपुर पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को हटाना चाहिए, क्योंकि इससे भ्रामक जानकारी फैल रही है और किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुँच सकता है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल
दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने खुद इस गलत पहचान पर सवाल उठाए हैं।
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कुछ यूजर्स ने लिखा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अनुज कुमार सिन्हा नहीं है
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विजय चौहान नामक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा—
“वीडियो में दिख रहा शख्स डॉ. अनुज है, जो एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं।
अनुज कुमार सिन्हा एक जाने-माने पत्रकार हैं।
उन्होंने प्रभात खबर को न सिर्फ जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड में नई ऊँचाई दी है।”
यह टिप्पणी यह दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर भी कई लोग इस गलत दावे को भ्रामक मान रहे हैं।
गलत पहचान क्यों है गंभीर समस्या?
इस तरह की घटनाएँ यह दिखाती हैं कि—
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बिना सत्यापन के नाम जोड़ देना
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वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान तय कर देना
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संस्थानों और पेशेवर छवि को नुकसान पहुँचाना
ये सभी डिजिटल जिम्मेदारी के खिलाफ हैं।
गलत पहचान न केवल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाती है, बल्कि यह कानूनी और सामाजिक समस्याएँ भी पैदा कर सकती है।
निष्कर्ष
हमारी Fact Check में यह स्पष्ट हो जाता है कि—
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वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अनुज कुमार सिन्हा नहीं है
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वीडियो से उन्हें जोड़ने का दावा गलत और भ्रामक है
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कार, स्थान और समय—तीनों स्तरों पर दावा तथ्यों से मेल नहीं खाता
इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स से अपील है कि—
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किसी भी वीडियो या पोस्ट को शेयर करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें
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किसी व्यक्ति या संस्था को बिना प्रमाण नाम से न जोड़ें
सोशल मीडिया की ताकत जितनी बड़ी है, उसकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।
