बिहार की राजनीति और बॉलीवुड—दोनों ही गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सट्टेबाजी एप प्रमोशन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अभिनेत्री Neha Sharma की ₹1.26 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली। यह कार्रवाई बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस नेता Ajit Sharma की हार के महज 36 दिन बाद सामने आई है, जिसने पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक रूप से और संवेदनशील बना दिया है।
ED की यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत जारी अंतरिम आदेश के बाद की गई है। एजेंसी का कहना है कि जब्त की गई संपत्ति कथित तौर पर अवैध आय से अर्जित बताई जा रही है। हालांकि, जांच अभी जारी है और किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना फिलहाल जल्दबाज़ी होगी।
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Toggleक्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, अभिनेत्री नेहा शर्मा पर अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी एप ‘1xbet’ का प्रचार (Promotion) करने और उससे प्राप्त राशि को मनी लॉन्ड्रिंग के ज़रिये वैध रूप देने का आरोप है।
ED का दावा है कि—
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विज्ञापनों के माध्यम से एप का प्रचार किया गया
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इसके बदले में मिली रकम को विभिन्न निवेश माध्यमों में लगाया गया
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इस पूरी प्रक्रिया में धन के स्रोत और उपयोग को छुपाने की कोशिश की गई
एजेंसी फिलहाल मनी ट्रेल, निवेश के पैटर्न और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
नवंबर में भेजा गया था समन
मामले की जांच के दौरान ED ने नवंबर 2025 में नेहा शर्मा को समन जारी किया था। इसके बाद उन्हें 2 दिसंबर को दिल्ली स्थित ED कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया गया, जहां PMLA के तहत उनके बयान दर्ज किए गए।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह जानने की कोशिश की गई कि—
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प्रमोशन से मिली रकम कहां-कहां निवेश की गई
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किन खातों और संपत्तियों के माध्यम से लेन-देन हुआ
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क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग या संस्थाएं भी शामिल हैं
ED ने साफ किया है कि जांच तथ्यों और दस्तावेज़ों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
भागलपुर से बॉलीवुड तक: नेहा शर्मा का सफर
नेहा शर्मा का जन्म 21 नवंबर 1987 को बिहार के भागलपुर में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्लैमर और मॉडलिंग की दुनिया से की, लेकिन जल्द ही उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा।
साल 2010 में महेश भट्ट की फिल्म Crook से उन्होंने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों में काम किया।
हालांकि, बड़े स्तर पर उनकी पहचान Tanhaji: The Unsung Warrior (2020) से बनी, जिसमें वह Ajay Devgn के साथ एक छोटे लेकिन अहम किरदार में नजर आई थीं। फिल्मों के अलावा नेहा वेब सीरीज और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में भी सक्रिय रही हैं।
कमाई के कई स्रोत, 50 करोड़ की संपत्ति का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहा शर्मा की कुल संपत्ति लगभग ₹50 करोड़ आंकी जाती है। उनकी आय के प्रमुख स्रोत हैं—
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फिल्में और वेब सीरीज
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ब्रांड एंडोर्समेंट
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सोशल मीडिया प्रमोशन
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फैशन और लाइफस्टाइल ब्रांडिंग
बताया जाता है कि वह एक फिल्म के लिए करीब ₹1 करोड़ तक चार्ज करती हैं। मुंबई में उनका एक आलीशान फ्लैट है, जबकि भागलपुर में भी उनके नाम पर ज़मीन बताई जाती है। ऐसे में ED द्वारा ₹1.26 करोड़ की संपत्ति जब्ती को एजेंसी जांच का एक अहम हिस्सा मान रही है।
बहन आयशा शर्मा भी इंडस्ट्री में सक्रिय
नेहा शर्मा की छोटी बहन Aisha Sharma भी मॉडल और अभिनेत्री हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद आयशा ने मॉडलिंग और फिल्म इंडस्ट्री का रुख किया।
वह Ayushmann Khurrana के साथ म्यूजिक वीडियो इक वारी में नजर आ चुकी हैं और Namaste England में भी काम कर चुकी हैं। दोनों बहनें सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं।
कौन हैं अजीत शर्मा?
अजीत शर्मा बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह भागलपुर नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और—
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शहरी विकास
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शिक्षा
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बुनियादी सुविधाओं
जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका रही है। पार्टी के परंपरागत वोट बैंक में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार के कुछ ही हफ्तों बाद बेटी पर ED की कार्रवाई सामने आने से राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।
राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से संवेदनशील मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला कानूनी जांच और राजनीतिक संदर्भ—दोनों लिहाज़ से संवेदनशील है। जहां एक ओर ED अपनी जांच को तथ्यों और कानून के दायरे में बताती है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे सवाल भी उठाते रहे हैं।
कानूनी जानकारों के अनुसार, PMLA के तहत की गई जब्ती और आगे की कार्रवाई का अंतिम फैसला अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
अभिनेत्री नेहा शर्मा से जुड़ी ED की यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स और मनी लॉन्ड्रिंग के बढ़ते मामलों पर एक बार फिर रोशनी डालती है। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की कानूनी पुष्टि होती है या नहीं। तब तक यह मामला बिहार की राजनीति और बॉलीवुड—दोनों के लिए चर्चा का केंद्र बना रहेगा।
नोट: यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों और एजेंसी के बयानों पर आधारित है। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि मानना उचित नहीं है।
