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21 Jan 2026, Wed

Year Ender 2025: बेंगलुरु हादसे से लेकर ‘नो हैंडशेक’ तक, क्रिकेट में इस साल के 5 बड़े विवाद

बेंगलुरु

Year Ender 2025: बेंगलुरु हादसे से लेकर ‘नो हैंडशेक’ तक, क्रिकेट में इस साल के 5 बड़े विवाद

क्रिकेट 2025 में रोमांच, रिकॉर्ड और यादगार मुकाबलों के साथ-साथ विवादों का भी गवाह बना। मैदान के भीतर फैसलों से लेकर मैदान के बाहर व्यवहार तक—इस साल कई घटनाओं ने क्रिकेट प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रशासकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। Year Ender 2025 में हम नज़र डालते हैं उन पांच बड़े क्रिकेट विवादों पर, जिन्होंने सुर्खियाँ बटोरीं और खेल की आत्मा पर सवाल खड़े किए।


1️⃣ बेंगलुरु क्रिकेट हादसा: जश्न मातम में बदला

साल की सबसे दुखद और गंभीर घटना बेंगलुरु में सामने आई, जब एक हाई-प्रोफाइल घरेलू क्रिकेट आयोजन के दौरान भीड़ नियंत्रण में चूक से भगदड़ मच गई।

  • कई दर्शक घायल हुए

  • आयोजन प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे

  • क्रिकेट बोर्ड और स्थानीय प्रशासन को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी

इस हादसे ने यह साफ कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ मैदान का खेल नहीं, बल्कि फैंस की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। इस घटना के बाद स्टेडियम सुरक्षा मानकों और टिकटिंग सिस्टम की व्यापक समीक्षा की मांग उठी।


2️⃣ ‘नो हैंडशेक’ विवाद: खेल भावना पर बहस

2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे चर्चित विवाद रहा—‘नो हैंडशेक’ मोमेंट। एक हाई-वोल्टेज मुकाबले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने परंपरागत मैच के बाद हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।

  • सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई

  • पूर्व क्रिकेटरों ने इसे “स्पोर्ट्समैनशिप के खिलाफ” बताया

  • कुछ खिलाड़ियों ने इसे “मैदान पर हुई तीखी घटनाओं की प्रतिक्रिया” कहा

यह विवाद इसलिए भी बड़ा बना क्योंकि क्रिकेट को हमेशा जेंटलमैन गेम कहा जाता रहा है। इस घटना ने यह सवाल उठाया कि आधुनिक क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा और खेल भावना के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।


3️⃣ अंपायरिंग फैसलों पर बवाल: टेक्नोलॉजी भी कटघरे में

2025 में कई मैचों में अंपायरिंग और DRS (Decision Review System) को लेकर विवाद सामने आए।

  • LBW और कैच फैसलों पर असहमति

  • ‘अंपायर्स कॉल’ को लेकर कप्तानों की नाराज़गी

  • टेक्नोलॉजी की सीमाओं पर बहस

कुछ मुकाबलों में गलत फैसलों ने सीधे मैच के नतीजे को प्रभावित किया, जिससे टीमों और फैंस में गुस्सा देखने को मिला। इसके बाद क्रिकेट बोर्ड और International Cricket Council से नियमों में सुधार की मांग तेज़ हो गई।


4️⃣ स्लेजिंग बनाम बदतमीज़ी: सीमा कहां है?

स्लेजिंग क्रिकेट का पुराना हिस्सा रही है, लेकिन 2025 में एक अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ के दौरान यह मुद्दा फिर गरमा गया।

  • कुछ खिलाड़ियों पर व्यक्तिगत टिप्पणियों के आरोप

  • अंपायरों को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा

  • मैच रेफरी की रिपोर्ट के बाद जुर्माना और चेतावनी

पूर्व दिग्गजों ने कहा कि मानसिक दबाव बनाना और व्यक्तिगत अपमान—इन दोनों के बीच फर्क होना चाहिए। यह विवाद खासकर युवा खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में अहम बन गया।


5️⃣ पिच और परिस्थितियों पर आरोप: होम एडवांटेज या हेराफेरी?

2025 में कई टेस्ट और घरेलू मैचों के बाद पिच क्यूरेशन को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

  • अत्यधिक स्पिन या सीम मददगार पिच

  • मेहमान टीमों ने “अनुचित फायदा” का आरोप लगाया

  • आयोजकों ने इसे “घरेलू परिस्थितियों का हिस्सा” बताया

इस बहस ने एक बार फिर यह सवाल उठाया कि होम एडवांटेज और पिच से छेड़छाड़ के बीच रेखा कहाँ खींची जानी चाहिए।


क्रिकेट 2025: विवाद क्यों बढ़े?

विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में विवाद बढ़ने के पीछे कई कारण रहे—

  • क्रिकेट का बढ़ता व्यावसायीकरण

  • सोशल मीडिया का त्वरित दबाव

  • खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का अत्यधिक तनाव

  • तकनीक पर बढ़ती निर्भरता

इन सबने मिलकर क्रिकेट को और तीव्र, भावनात्मक और विवाद-प्रवण बना दिया।


बोर्ड और ICC की प्रतिक्रिया

इन विवादों के बाद—

  • सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर नए दिशा-निर्देश

  • अंपायर ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेड

  • खिलाड़ियों के आचरण नियमों की सख्ती

जैसे कदमों पर चर्चा शुरू हुई। क्रिकेट प्रशासकों का मानना है कि खेल की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कठोर लेकिन संतुलित सुधार जरूरी हैं।


फैंस की भूमिका भी अहम

2025 ने यह भी दिखाया कि फैंस की प्रतिक्रिया—

  • सोशल मीडिया ट्रेंड

  • स्टेडियम व्यवहार

  • खिलाड़ियों के प्रति रवैया

खेल के माहौल को सीधे प्रभावित करता है। बेंगलुरु हादसे से लेकर ‘नो हैंडशेक’ तक, हर विवाद में फैंस की भावनाएँ एक बड़ा फैक्टर रहीं।

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