Breaking
21 Jan 2026, Wed

चीन ने नेवी में शामिल किया ‘लौडी’, टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर

चीन

चीन ने नेवी में शामिल किया ‘लौडी’, टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर — US को पछाड़ने वाले ड्रैगन का नया कारनामा

वैश्विक समुद्री शक्ति संतुलन में चीन ने एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपनी नौसेना में ‘लौडी’ (Lüdi) नामक टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है। यह युद्धपोत चीन की बढ़ती समुद्री ताकत, अत्याधुनिक तकनीक और रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल एशिया–प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगा, बल्कि अमेरिकी नौसेना को सीधी चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है।


खबर में क्यों?

चीन ने हाल ही में टाइप 052D श्रेणी के एक और आधुनिक विध्वंसक ‘लौडी’ को अपनी नौसेना में शामिल किया है। यह युद्धपोत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLA Navy) की सतह युद्ध क्षमता को और मजबूत करता है। लगातार नए युद्धपोतों की तैनाती के साथ चीन अब संख्या और तकनीक—दोनों मामलों में यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के बराबर या उससे आगे निकलने की कोशिश कर रहा है।


टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर क्या है?

टाइप 052D चीन की सबसे उन्नत मल्टी-रोल स्टील्थ डिस्ट्रॉयर क्लास में से एक है। इसे अक्सर पश्चिमी विश्लेषक “Chinese Aegis Destroyer” भी कहते हैं, क्योंकि इसकी क्षमताएँ अमेरिकी Aegis सिस्टम से तुलनीय मानी जाती हैं।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • लंबाई: लगभग 157 मीटर

  • विस्थापन: 7,500 टन से अधिक

  • गति: लगभग 30 नॉट

  • रडार: AESA आधारित अत्याधुनिक रडार सिस्टम

  • स्टील्थ डिजाइन: कम रडार सिग्नेचर


‘लौडी’ क्यों है खास?

‘लौडी’ इस श्रेणी का नवीनतम संस्करण है, जिसमें पहले के मुकाबले—

  • बेहतर सेंसर फ्यूज़न

  • उन्नत कमांड और कंट्रोल सिस्टम

  • ज्यादा प्रभावी एयर डिफेंस क्षमता

शामिल की गई है। यह जहाज न केवल दुश्मन के विमान और मिसाइलों से निपट सकता है, बल्कि समुद्र, वायु और पनडुब्बी—तीनों मोर्चों पर एक साथ ऑपरेशन करने में सक्षम है।


हथियार प्रणाली: समुद्र का घातक प्रहरी

टाइप 052D डिस्ट्रॉयर की सबसे बड़ी ताकत इसकी वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) है।

हथियारों में शामिल हैं:

  • HQ-9 लॉन्ग रेंज एयर डिफेंस मिसाइल

  • YJ-18 एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल

  • एंटी-सबमरीन रॉकेट

  • 130 मिमी नेवल गन

  • क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS)

इन हथियारों की बदौलत ‘लौडी’ दुश्मन के एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।


अमेरिका से तुलना: क्या सच में आगे निकल रहा है चीन?

पिछले एक दशक में चीन ने जिस रफ्तार से नौसैनिक विस्तार किया है, उसने दुनिया को चौंका दिया है।

प्रमुख बिंदु:

  • चीन के पास अब संख्या के लिहाज़ से दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है

  • हर साल कई अत्याधुनिक युद्धपोत सेवा में लाए जा रहे हैं

  • घरेलू शिपयार्ड में तेज़ उत्पादन क्षमता

हालांकि अमेरिका अब भी तकनीकी अनुभव, वैश्विक बेस नेटवर्क और युद्ध अनुभव में आगे है, लेकिन संख्या और क्षेत्रीय प्रभुत्व के मामले में चीन तेजी से अंतर कम कर रहा है।


एशिया–प्रशांत और हिंद–प्रशांत क्षेत्र पर असर

‘लौडी’ जैसे युद्धपोतों की तैनाती का सीधा असर—

  • दक्षिण चीन सागर

  • ताइवान स्ट्रेट

  • हिंद–प्रशांत समुद्री मार्ग

पर पड़ता है। इन क्षेत्रों में चीन पहले से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है। ऐसे में टाइप 052D जैसे डिस्ट्रॉयर चीन की समुद्री दावेदारी को सैन्य समर्थन प्रदान करते हैं।


ड्रैगन की रणनीति: सिर्फ संख्या नहीं, क्षमता भी

चीन की रणनीति अब केवल जहाजों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वह—

  • नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर

  • संयुक्त नौसैनिक–हवाई अभियान

  • लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता

पर जोर दे रहा है। ‘लौडी’ इस रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जो एयरक्राफ्ट कैरियर, सप्लाई शिप और अन्य युद्धपोतों के साथ मिलकर फुल फ्लीट ऑपरेशन में काम कर सकता है।


भारत और क्षेत्रीय देशों के लिए क्या मायने?

भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य क्षेत्रीय देशों के लिए चीन का यह कदम चिंता का विषय है।

  • हिंद महासागर में चीनी नौसैनिक उपस्थिति बढ़ रही है

  • भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति पर दबाव

  • QUAD जैसे गठबंधनों की प्रासंगिकता बढ़ी

भारत पहले ही अपने नौसैनिक आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है, ताकि क्षेत्रीय संतुलन बना रहे।


भविष्य की तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में—

  • चीन और अधिक टाइप 052D और टाइप 055 जैसे युद्धपोत तैनात करेगा

  • अमेरिकी नौसेना के साथ प्रतिस्पर्धा और तेज़ होगी

  • समुद्री शक्ति वैश्विक राजनीति का केंद्र बनेगी

‘लौडी’ इस बड़ी रणनीतिक तस्वीर का एक महत्वपूर्ण टुकड़ा है।


निष्कर्ष

‘लौडी’ को नौसेना में शामिल कर चीन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह समुद्री महाशक्ति बनने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम है।
जहाँ एक ओर अमेरिका अब भी वैश्विक समुद्री प्रभुत्व बनाए हुए है, वहीं चीन की यह निरंतर प्रगति आने वाले समय में समुद्री शक्ति संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है। ड्रैगन का यह नया कारनामा आने वाले वर्षों में वैश्विक सुरक्षा विमर्श का अहम हिस्सा बना रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *