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22 Jan 2026, Thu

Bihar Police Encounter: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर का एनकाउंटर, पुलिस ने घेर कर मारी गोली

Bihar Police Encounter: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर का एनकाउंटर, पुलिस ने घेर कर मारी गोली

बिहार में अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक कुख्यात शार्प शूटर का पुलिस एनकाउंटर में मारा जाना राज्य की कानून-व्यवस्था के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस द्वारा की गई उस रणनीतिक घेराबंदी का नतीजा बताई जा रही है, जिसमें अपराधी को आत्मसमर्पण का मौका दिया गया, लेकिन जवाबी फायरिंग के बाद पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।

यह घटना न केवल बिहार में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क पर प्रहार मानी जा रही है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि राज्य पुलिस अब अंतरराज्यीय गैंग्स के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है।


क्यों चर्चा में है?

यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि:

  • बिहार पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक शार्प शूटर को एनकाउंटर में मार गिराया

  • आरोपी पर हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं

  • यह कार्रवाई बिहार में बढ़ते गैंगवार और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है

घटना के बाद राज्य पुलिस और प्रशासन ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए निर्णायक कदम बताया है।


एनकाउंटर कैसे हुआ?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का यह शार्प शूटर लंबे समय से बिहार पुलिस की वांछित सूची में शामिल था। खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके संभावित ठिकाने की पहचान की।

  • पुलिस टीम ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया

  • आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए कहा गया

  • लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी

  • जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया

  • अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई

पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई और घटना की न्यायिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं।


कौन था मारा गया शार्प शूटर?

मारा गया आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कथित शार्प शूटर बताया जा रहा है, जो गैंग के लिए सुपारी किलिंग और वसूली जैसे कामों को अंजाम देता था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:

  • उस पर कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे

  • वह लंबे समय से फरार चल रहा था

  • बिहार के अलावा पंजाब, राजस्थान और दिल्ली से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आया था

पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना थी, लेकिन उसके हिंसक रवैये के कारण एनकाउंटर की स्थिति बनी।


लॉरेंस बिश्नोई गैंग: पृष्ठभूमि

लॉरेंस बिश्नोई गैंग देश के सबसे चर्चित आपराधिक गिरोहों में से एक माना जाता है। यह गैंग:

  • रंगदारी

  • सुपारी किलिंग

  • अवैध हथियारों की तस्करी

  • और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क

से जुड़ा रहा है। समय के साथ इस गिरोह ने कई राज्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ी चुनौती बन गया।

बिहार में इस गैंग की गतिविधियाँ बढ़ने की खबरों के बाद पुलिस ने विशेष निगरानी और अभियान शुरू किए थे।


पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

एनकाउंटर के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रेस को बताया कि:

  • अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

  • बिहार पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है

  • आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है

राज्य सरकार ने भी पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।


मानवाधिकार और कानूनी पहलू

हर पुलिस एनकाउंटर की तरह इस मामले में भी मानवाधिकार और कानूनी पहलुओं पर चर्चा शुरू हो गई है।

  • पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह फर्जी एनकाउंटर नहीं है

  • घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी

  • सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है

विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध नियंत्रण और मानवाधिकार—दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।


बिहार में अपराध नियंत्रण की बड़ी तस्वीर

हाल के वर्षों में बिहार पुलिस ने:

  • संगठित अपराध

  • गैंगवार

  • अवैध हथियारों

के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं। इस एनकाउंटर को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अपराध के सरगनाओं तक पहुँचने पर ज़ोर दिया जा रहा है।


निष्कर्ष

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित शार्प शूटर का बिहार पुलिस एनकाउंटर राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। यह घटना न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि संगठित अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस कार्रवाई का बिहार और आसपास के राज्यों में अपराध नेटवर्क पर क्या असर पड़ता है।

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