Bihar चुनाव 2025: तेज प्रताप यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल ने 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की
पटना, 13 अक्टूबर 2025 — बिहार की राजनीति में इस समय सबकी निगाहें लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पर टिकी हैं। लंबे समय तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में सक्रिय रहने और फिर पार्टी से निष्कासन के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) का गठन किया। अब इस पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 21 प्रत्याशी शामिल हैं।
इस घोषणा के साथ तेज प्रताप ने यह साफ संदेश दे दिया है कि वे अब अपने दम पर बिहार की राजनीति में तीसरी शक्ति के रूप में उभरने का इरादा रखते हैं।
महुआ से खुद चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप
घोषित सूची के अनुसार तेज प्रताप यादव खुद वैशाली जिले की महुआ सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह वही सीट है, जहाँ से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और पहली बार विधायक बने थे। महुआ सीट राजद की पारंपरिक सीटों में गिनी जाती है, लेकिन अब वही सीट तेज प्रताप की नई पार्टी का प्रतीक बन गई है।
तेज प्रताप ने सूची जारी करते हुए कहा कि “जनशक्ति जनता दल आम जनता की आवाज़ बनेगी। हम जात-पात और परिवारवाद से ऊपर उठकर बिहार के युवाओं और किसानों के लिए राजनीति करेंगे।”
उनकी इस घोषणा से साफ है कि वे न केवल राजद से दूरी बना चुके हैं, बल्कि अब उसी राजनीतिक मैदान में अपने भाई तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती दे रहे हैं।
21 सीटों की सूची में कौन-कौन हैं उम्मीदवार
जनशक्ति जनता दल की पहली सूची में बिहार के कई जिलों की प्रमुख सीटें शामिल की गई हैं। इनमें पटना, वैशाली, समस्तीपुर, गया, बक्सर, भागलपुर और मधेपुरा जैसे इलाके प्रमुख हैं। पार्टी ने यादव, भूमिहार, ब्राह्मण, कुशवाहा और दलित समुदायों से प्रत्याशी उतारकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
सूची के कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
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महुआ (वैशाली) — तेज प्रताप यादव
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मनेर (पटना) — शंकर यादव
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हिसुआ (नवादा) — रवि राज कुमार
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शाहपुर (बक्सर) — मदन यादव
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पटना साहिब — मीनू कुमारी
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बख्तियारपुर — गुलशन यादव
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बिक्रमगंज — अजीत कुशवाहा
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जगदीशपुर (भोजपुर) — नीरज राय
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बेनीपुर (दरभंगा) — अवध किशोर झा
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वजीरगंज (गया) — प्रेम कुमार
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मधेपुरा — संजय यादव
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बरौली (गोपालगंज) — धर्मेंद्र सिंह
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कुचायकोट — ब्रज बिहारी भट्ट
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बनियापुर (सारण) — पुष्पा कुमारी
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मोहिउद्दीन नगर (समस्तीपुर) — सुरभि यादव
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गोविंदगंज (पूर्वी चंपारण) — आशुतोष कुमार
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दुमाओ (औरंगाबाद) — दिनेश कुमार सूर्या
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नरकटियागंज (पश्चिमी चंपारण) — तौरीफ रहमान
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अत्री (गया) — अविनाश कुमार
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बेलसन (पटना ग्रामीण) — विकास कुमार
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धनरुआ (पटना) — अमरेश राय
इस सूची में तीन महिला उम्मीदवारों — मीनू कुमारी, पुष्पा कुमारी और सुरभि यादव — को टिकट दिया गया है, जिससे पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व पर जोर देने का संदेश दिया है।
तेज प्रताप का राजनीतिक संदेश
सूची जारी करते समय तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में उनकी पार्टी और भी उम्मीदवार घोषित करेगी और बिहार की सभी सीटों पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।
उन्होंने कहा, “जनशक्ति जनता दल किसी जाति या वर्ग की पार्टी नहीं है, बल्कि यह पूरे बिहार की जनता की पार्टी है। हम भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अपराध मुक्त बिहार की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं।”
तेज प्रताप ने साथ ही यह भी इशारा किया कि वे अब किसी गठबंधन में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों पर अकेले संघर्ष करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप की यह चाल राजद के लिए सिरदर्द बन सकती है। यादव मतदाताओं में पारंपरिक रूप से राजद का प्रभाव रहा है, लेकिन तेज प्रताप उसी वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, तेज प्रताप के इस कदम से महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-लेफ्ट) को नुकसान हो सकता है, क्योंकि कुछ यादव और युवा मतदाता तेज प्रताप के प्रति सहानुभूति रख सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि JJD को संगठन और संसाधन की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नई पार्टी होने के कारण इसका ढांचा अभी सीमित है, और कार्यकर्ता नेटवर्क विकसित करने में समय लगेगा।
संगठन और प्रचार की चुनौती
तेज प्रताप की पार्टी को अब चुनाव प्रचार और संगठन के स्तर पर तेजी दिखानी होगी। बिहार में चुनाव की तारीखें पहले ही तय हो चुकी हैं — 6 और 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को परिणाम घोषित होंगे। ऐसे में महज तीन सप्ताह में जनशक्ति जनता दल को जमीनी स्तर पर पैठ बनानी होगी।
पार्टी को अभी तक आधिकारिक चुनाव चिह्न नहीं मिला है। निर्वाचन आयोग से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन स्थायी मान्यता मिलना बाकी है। पार्टी का झंडा नीले और हरे रंग का है, जिसमें ‘लोकशक्ति, न्याय और समता’ के नारे लिखे गए हैं।
तेज प्रताप ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे पार्टी को “जन आंदोलन” की तरह आगे बढ़ाएं। उन्होंने दावा किया कि कई पूर्व राजद कार्यकर्ता और स्थानीय नेता अब उनकी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।
गठबंधन की संभावना और सियासी समीकरण
तेज प्रताप यादव ने फिलहाल किसी भी बड़े दल से गठबंधन से इनकार किया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार उनकी पार्टी कुछ छोटे क्षेत्रीय संगठनों और स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत में है।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि यदि JJD को 10 से 15 सीटों पर भी अच्छा प्रदर्शन मिलता है, तो यह राज्य की सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर, राजद नेतृत्व इसे “वोट कटवा” पार्टी बताकर मतदाताओं को सावधान कर रहा है। एनडीए के नेता भी तेज प्रताप की एंट्री को “विपक्षी वोटों में बंटवारा” कहकर देख रहे हैं।
जनता के बीच प्रतिक्रिया
महुआ, पटना और वैशाली के इलाकों में तेज प्रताप की रैलियों में युवाओं की भीड़ देखी जा रही है। कई युवाओं का कहना है कि तेज प्रताप “नई राजनीति” का चेहरा बन सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ, कुछ मतदाता उन्हें “भावनात्मक राजनेता” के रूप में देखते हैं जो अनुभव की कमी से जूझ सकते हैं। जनता यह भी मानती है कि बिहार की राजनीति में परिवारवाद के बावजूद नई सोच की ज़रूरत है — और तेज प्रताप उस बदलाव के प्रतीक बन सकते हैं।
निष्कर्ष
तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल द्वारा जारी की गई 21 उम्मीदवारों की सूची बिहार की सियासत में नई हलचल का संकेत है। यह सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि राजद और तेजस्वी यादव के लिए खुली चुनौती है।
अब देखना यह होगा कि तेज प्रताप की यह नई पहल चुनावी मैदान में कितनी कामयाब होती है। क्या वे बिहार की जनता के दिलों में जगह बना पाएंगे, या फिर यह प्रयोग शुरुआती उत्साह के बाद ठंडा पड़ जाएगा?
एक बात तय है — बिहार की राजनीति में इस बार मुकाबला केवल एनडीए और महागठबंधन के बीच नहीं रहेगा। तेज प्रताप यादव और उनकी जनशक्ति जनता दल तीसरी ताकत के रूप में उभरकर चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।
