Breaking
21 Jan 2026, Wed

Chhath के बाद देवघर एम्स में 350 बेड वाला नया अस्पताल होगा शुरू — तैयारी पूरी, मरीजों को बड़ी राहत

Chhath के बाद देवघर एम्स में 350 बेड वाला नया अस्पताल होगा शुरू — तैयारी पूरी, मरीजों को बड़ी राहत

देवघर, झारखंड: छठ पूजा के बाद देवघर के एम्स (AIIMS Deoghar) में मरीजों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। एम्स प्रशासन ने घोषणा की है कि नवंबर के पहले सप्ताह से 350 बेड वाला नया अस्पताल शुरू किया जाएगा। छह मंजिला यह अत्याधुनिक भवन ‘ब्लॉक ई’ के रूप में जाना जाएगा और यहीं से देवघर एम्स में पूर्ण अस्पताल सेवाएं औपचारिक रूप से आरंभ होंगी।

अस्पताल शुरू होने के बाद न सिर्फ झारखंड, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा जैसे आस-पास के राज्यों के मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल एम्स में सीमित संख्या में ही बेड और विभाग कार्यरत हैं, लेकिन अब पूरी मेडिकल सुविधा शुरू हो जाने से यह क्षेत्र का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र बन जाएगा।


350 बेड की शुरुआत — कुल 750 बेड की दिशा में बड़ा कदम

एम्स देवघर में कुल 750 बेड की क्षमता वाले अस्पताल की योजना है। इस दिशा में यह पहला बड़ा कदम है जिसमें 350 बेड के साथ अस्पताल सेवाएं शुरू की जा रही हैं। बाकी के 400 बेड अगले चरण में जोड़ दिए जाएंगे।

एम्स प्रशासन के अनुसार, अस्पताल में हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। अभी तक एम्स की सेवाएं सीमित रूप से चल रही थीं, लेकिन नए भवन के शुरू होते ही मरीजों को सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह पर मिलने लगेंगी।

एम्स देवघर के डायरेक्टर ने बताया कि छह मंजिला इस बिल्डिंग में आधुनिक मेडिकल उपकरण, प्रयोगशालाएं, ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, इमरजेंसी ब्लॉक और सभी विभागों के लिए विशेष वार्ड तैयार कर दिए गए हैं। मरीजों की भर्ती और उपचार के लिए सभी व्यवस्थाएं परीक्षण के अंतिम चरण में हैं।


छह मंजिला भवन में 19 विभाग होंगे सक्रिय

देवघर एम्स के इस नए अस्पताल में कुल 19 प्रमुख विभाग सक्रिय किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • मेडिसिन

  • सर्जरी

  • गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग)

  • पीडियाट्रिक्स (बाल रोग)

  • ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग)

  • कार्डियोलॉजी (हृदय रोग)

  • यूरोलॉजी

  • डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग)

  • ईएनटी (कान-नाक-गला)

  • न्यूरोलॉजी

  • नेफ्रोलॉजी

  • नेत्र रोग

  • रेडियोलॉजी

  • फिजियोथेरपी

  • डेंटल (दंत चिकित्सा)

  • एनेस्थीसिया

  • साइकियाट्री (मानसिक रोग विभाग)

  • इमरजेंसी मेडिसिन

  • जनरल सर्जरी

इन सभी विभागों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी टीमों की तैनाती पूरी कर दी गई है। कुल मिलाकर 140 डॉक्टर और 250 से अधिक नर्सिंग कर्मचारी पहले चरण में कार्यभार संभालेंगे।


मरीजों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं

देवघर एम्स के इस नए अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, 24×7 इमरजेंसी सेवा, आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब, MRI, CT Scan, डायलिसिस यूनिट, और ब्लड बैंक जैसी सुविधाएं तैयार हैं।

अस्पताल परिसर में मरीजों और परिजनों के लिए भोजनालय, विश्राम कक्ष, और पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने बताया कि भवन की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था के लिए निजी एजेंसियों को अनुबंधित किया गया है ताकि मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।


पूर्वी भारत के लिए बनेगा स्वास्थ्य केंद्र का प्रमुख हब

देवघर एम्स के शुरू होने से न केवल झारखंड बल्कि बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रांची, पटना या दिल्ली तक जाना पड़ता था। लेकिन अब एम्स देवघर में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम हर रोग के लिए उपलब्ध होगी।

एम्स प्रबंधन का कहना है कि उनका लक्ष्य देवघर को पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनाना है। आने वाले दो वर्षों में एम्स में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का भी विस्तार किया जाएगा जिसमें ऑन्कोलॉजी (कैंसर विभाग), न्यूरोसर्जरी, कार्डियक सर्जरी, और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी शामिल होंगे।


जनता और स्थानीय प्रशासन में उत्साह

अस्पताल के उद्घाटन को लेकर देवघर और आसपास के इलाकों में काफी उत्साह है। स्थानीय प्रशासन ने भी एम्स को सभी आवश्यक अनुमतियां और सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। छठ पूजा के बाद एम्स के ब्लॉक ‘ई’ को औपचारिक रूप से आम जनता के लिए खोलने की योजना है।

इस मौके पर झारखंड के कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होंगे। देवघर के सांसद ने कहा, “यह अस्पताल झारखंड के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। अब किसी को इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”


भविष्य की योजनाएं — 400 और बेड, मेडिकल कॉलेज व शोध केंद्र

एम्स देवघर के अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में 400 और बेड बढ़ाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही एम्स परिसर में मेडिकल कॉलेज और शोध केंद्र की नींव भी रखी जाएगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 100 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा और रिसर्च सेंटर में स्वास्थ्य से जुड़ी नीतियों और बीमारियों पर अध्ययन होगा। सरकार का लक्ष्य है कि देवघर एम्स आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा और शोध केंद्र बन जाए।


डॉक्टरों की तैनाती और प्रशिक्षण जारी

अस्पताल संचालन के लिए एम्स प्रबंधन ने 46 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की है, जबकि 100 से अधिक मेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण अंतिम चरण में है। सभी डॉक्टरों को दिल्ली, भुवनेश्वर और पटना एम्स में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि देवघर एम्स में सेवाओं की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर की बनी रहे।

डॉ. बी. मृदुला सिंह (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, एम्स देवघर) ने बताया, “हमारी कोशिश है कि मरीजों को दिल्ली एम्स जैसी सुविधाएं यहीं मिलें। सभी विभागों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और छठ पूजा के बाद अस्पताल संचालन शुरू हो जाएगा।”


निष्कर्ष

छठ पूजा के बाद देवघर एम्स में 350 बेड वाले नए अस्पताल का शुभारंभ झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। यह न सिर्फ मरीजों को राहत देगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नए अवसर खोलेगा।

अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और व्यापक सुविधाओं के साथ एम्स देवघर अब राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र बनने जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *