Dhurandhar Box Office Collection Day 28: 28 दिन बाद भी धुआंधार कमाई, कलेक्शन देख उड़ जाएंगे होश
बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना किसी भी फिल्म के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होती है—और धुरंधर इस इम्तिहान में खरा उतरती दिख रही है। रिलीज़ के 28वें दिन भी फिल्म की कमाई का सिलसिला थमा नहीं है। चौथे हफ्ते में जहां अधिकतर फिल्में गिनती के शोज़ तक सिमट जाती हैं, वहीं ‘धुरंधर’ अब भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब है। ट्रेड पंडित इसे स्ट्रॉन्ग होल्ड मान रहे हैं—जो लंबे रन की पहचान होता है।
28वें दिन का हाल: क्यों है यह प्रदर्शन खास?
आमतौर पर तीसरे–चौथे हफ्ते में कलेक्शन में तेज़ गिरावट देखी जाती है। लेकिन ‘धुरंधर’ ने डे-28 पर भी स्थिर रुझान बनाए रखा।
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वीकडे पर भी ऑक्यूपेंसी कई सर्किट्स में संतोषजनक रही।
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सिंगल-स्क्रीन + मल्टीप्लेक्स—दोनों से संतुलित योगदान मिला।
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मेट्रो शहरों के साथ-साथ टियर-2/टियर-3 में भी मांग बनी रही।
यही वजह है कि फिल्म का क्यूम्युलेटिव टोटल हर दिन मजबूत होता जा रहा है और यह प्रदर्शन “स्लीपर-हिट से लॉन्ग-रनर” की ओर इशारा करता है।
चौथे हफ्ते में भी क्यों टिके हैं दर्शक?
1) माउथ-ऑफ-वर्ड का असर
फिल्म को लेकर दर्शकों की चर्चा—खासकर कहानी और परफॉर्मेंस को लेकर—अब भी जारी है। सोशल मीडिया पर क्लिप्स, डायलॉग्स और रिव्यू शेयर हो रहे हैं, जिससे नए दर्शक जुड़ते जा रहे हैं।
2) कंटेंट ड्रिवन अपील
‘धुरंधर’ ने मसाले के साथ मजबूत कंटेंट दिया—यही वजह है कि यह केवल ओपनिंग पर निर्भर नहीं रही, बल्कि कंटेंट-पुल से आगे बढ़ी।
3) सीमित लेकिन स्मार्ट स्क्रीन काउंट
चौथे हफ्ते में भले शोज़ घटे हों, पर जहां फिल्म चल रही है, वहां हाई ऑक्यूपेंसी दिखी—जो प्रति-शो बेहतर कलेक्शन सुनिश्चित करती है।
Day 28 कलेक्शन: ट्रेड क्या कहता है?
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, डे-28 पर भी फिल्म ने सम्मानजनक आंकड़े जोड़े। हालांकि यह शुरुआती हफ्तों जैसा नहीं, लेकिन वीकडे स्टैंडर्ड के हिसाब से मजबूत माना जा रहा है।
संकेत यही हैं कि चौथे हफ्ते में भी ‘धुरंधर’ का डे-ऑन-डे ड्रॉप नियंत्रित है—जो लॉन्ग रन की कुंजी होता है।
कुल कलेक्शन की दिशा: रिकॉर्ड क्यों बन रहा है?
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28 दिनों में लगातार कमाई ने फिल्म के टोटल को प्रभावशाली स्तर तक पहुंचाया है।
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कई समकालीन रिलीज़ के मुकाबले बेहतर रिटेंशन ने इसे अलग पहचान दी।
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वीकेंड स्पाइक्स के साथ-साथ वीकडे स्टेबिलिटी ने कर्व स्मूद रखा।
यही कारण है कि ट्रेड में यह चर्चा तेज़ है कि ‘धुरंधर’ लाइफटाइम टोटल के मामले में उम्मीदों से आगे निकल सकती है।
ऑडियंस सेगमेंटेशन: कहां सबसे ज्यादा असर?
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युवा दर्शक: पेस और ट्रीटमेंट पसंद आया।
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फैमिली ऑडियंस: कंटेंट और वर्ड-ऑफ-वर्ड से जुड़ी।
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री-रन ऑडियंस: कुछ सर्किट्स में रिपीट-व्यूइंग के संकेत।
यह मल्टी-सेगमेंट अपील चौथे हफ्ते तक टिके रहने का बड़ा कारण है।
कॉम्पिटिशन फैक्टर: नई रिलीज़ का असर क्यों सीमित?
नई फिल्मों के आने से शोज़ जरूर बंटते हैं, लेकिन ‘धुरंधर’ ने अपनी कोर ऑडियंस बनाए रखी। कई सिनेमाघरों में इसे प्राइम टाइम स्लॉट मिलते रहे—जो दर्शाता है कि एग्ज़िबिटर्स को फिल्म पर भरोसा है।
आगे क्या? पांचवें हफ्ते का रोडमैप
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वीकेंड पर उछाल की उम्मीद, खासकर मेट्रो सर्किट्स में।
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चुनिंदा सिंगल-स्क्रीन्स पर लॉन्ग-रन कंटिन्यू रहने की संभावना।
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डिजिटल चर्चा बनी रही तो पोस्ट-थिएट्रिकल बज़ भी मजबूत रहेगा।
निष्कर्ष
Dhurandhar Box Office Collection Day 28 यह साफ करता है कि फिल्म केवल ओपनिंग का खेल नहीं खेल रही—बल्कि कंटेंट, माउथ-ऑफ-वर्ड और स्टेबिलिटी के दम पर आगे बढ़ रही है। 28 दिन बाद भी लगातार कमाई करना किसी भी फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि है।
अगर यही रफ्तार बनी रही, तो ‘धुरंधर’ लॉन्ग-रनर की सूची में मजबूती से जगह बना लेगी—और इसका फाइनल टोटल सच में “होश उड़ाने वाला” साबित हो सकता है।
नोट: बॉक्स ऑफिस आंकड़े ट्रेड रिपोर्ट्स और सर्किट ट्रेंड्स पर आधारित अनुमान हैं; अंतिम आंकड़े थिएटर-टू-थिएटर भिन्न हो सकते हैं।
