Jan Suraaj ने बिहार चुनाव के लिए 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, भोरे से प्रीति किन्नर को टिकट
पटना | अक्टूबर 2025 —
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने अपने पहले 51 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
यह जन सुराज की राजनीति में औपचारिक एंट्री मानी जा रही है।
इस सूची में समाज के हर तबके के लोगों को शामिल किया गया है — किसान, समाजसेवी, कलाकार, शिक्षक और यहां तक कि किन्नर समुदाय से भी एक उम्मीदवार को टिकट दिया गया है।
🔹 जन सुराज की पहली सूची बनी चर्चा का विषय
जन सुराज की इस पहली सूची ने बिहार की राजनीति में नई हलचल मचा दी है।
जहां एक ओर पारंपरिक पार्टियां अभी भी उम्मीदवारों के नाम पर मंथन कर रही हैं, वहीं जन सुराज ने समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर यह दिखा दिया है कि वह “जनता की पार्टी” के रूप में मैदान में उतरने को तैयार है।
पार्टी के अनुसार, उम्मीदवारों का चयन जातिगत या राजनीतिक प्रभाव से नहीं, बल्कि उनके सामाजिक योगदान और जनता के बीच काम करने की क्षमता के आधार पर किया गया है।
🌈 भोरे से किन्नर समुदाय की प्रीति किन्नर को टिकट
सूची में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाला नाम है — प्रीति किन्नर, जिन्हें गोपालगंज जिले की भोरे विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
प्रीति किन्नर लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं और कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने गरीबों व प्रवासी मजदूरों की सहायता कर अपने क्षेत्र में पहचान बनाई थी।
उनकी उम्मीदवारी को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा —
“जन सुराज की राजनीति हर वर्ग के लिए है। हम चाहते हैं कि समाज का कोई भी हिस्सा राजनीति से बाहर न रहे। प्रीति किन्नर जैसे लोग इस विचारधारा के प्रतीक हैं।”
यह कदम बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, क्योंकि अब तक राज्य की मुख्यधारा की राजनीति में किन्नर समुदाय का प्रतिनिधित्व नगण्य रहा है।
🎤 सूची में शामिल अन्य प्रमुख नाम
जन सुराज की पहली सूची में कई चर्चित चेहरे शामिल हैं —
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भोजपुरी गायक रितेश पांडे — करगहर विधानसभा सीट से उम्मीदवार
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वाइ वी गिरी — मांझी सीट
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आर.के. मिश्रा — दरभंगा सीट
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अमित कुमार दास — मुजफ्फरपुर सीट
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जेपी सिंह — छपरा सीट
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लक्ष्मण मिश्रा — बोध गया सीट
इन नामों से यह साफ झलकता है कि जन सुराज ने अनुभव, लोकप्रियता और सामाजिक कार्य — तीनों को उम्मीदवार चयन का आधार बनाया है।
🧩 प्रशांत किशोर की सोच — “हर तबका राजनीति में हिस्सेदार बने”
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सूची जारी करते समय कहा —
“हमारी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, समाज के परिवर्तन के लिए है।
बिहार की राजनीति में पहली बार हर वर्ग, हर समुदाय, हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों का चयन “जन संवाद यात्रा” के दौरान जनता की राय से किया गया है, न कि किसी राजनीतिक सौदेबाज़ी से।
यह वही यात्रा है जिसके ज़रिए किशोर ने पिछले दो वर्षों में बिहार के लगभग हर जिले का दौरा किया था।
🗣️ किन्नर समुदाय की प्रतिक्रिया
जन सुराज द्वारा प्रीति किन्नर को टिकट दिए जाने के बाद पूरे किन्नर समुदाय में उत्साह है।
समुदाय के कई लोगों ने कहा कि यह निर्णय “सम्मान और बराबरी” की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
प्रीति किन्नर ने खुद कहा —
“मैं राजनीति में इसलिए आई हूँ ताकि हमारे समुदाय की आवाज़ विधानसभा तक पहुंचे।
प्रशांत किशोर ने जो भरोसा मुझ पर दिखाया है, मैं उसे जनता की सेवा से साबित करूँगी।”
बिहार चुनाव 2025: नई राजनीति का संकेत
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें 6 नवंबर और 11 नवंबर 2025 तय की गई हैं।
जन सुराज की इस पहली सूची के साथ अब बाकी पार्टियों — राजद, जदयू और भाजपा — पर भी दबाव बढ़ गया है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जन सुराज अब “थर्ड फ्रंट” के रूप में उभर सकता है, खासकर युवाओं और शिक्षित वर्ग के बीच।
🗳️ चुनावी रणनीति: जन पंचायत और डिजिटल संवाद
जन सुराज पारंपरिक रैलियों की जगह जन पंचायत और ग्राम संवाद को अपना प्रमुख हथियार बना रहा है।
हर उम्मीदवार को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र में “लोक संवाद सभा” करे और जनता की समस्याएं सीधे सुने।
इसके साथ ही, पार्टी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बहुत सक्रिय है —
सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और व्हाट्सऐप चैनल के ज़रिए युवाओं को जोड़ने की योजना तैयार की जा चुकी है।
जन सुराज के अनुसार, अब तक 10 लाख से अधिक समर्थक ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े हैं।
📊 राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि जन सुराज का यह कदम न सिर्फ प्रतीकात्मक है, बल्कि समावेशी लोकतंत्र की दिशा में ठोस पहल है।
पार्टी ने जातिगत समीकरणों से परे जाकर यह दिखाया है कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की भागीदारी और विकास होना चाहिए।
अगर जन सुराज को शुरुआती चरणों में जनता का समर्थन मिलता है, तो यह बिहार की राजनीति में पारंपरिक ध्रुवीकरण को तोड़ सकता है।
🏁 निष्कर्ष: बिहार में नई शुरुआत
जन सुराज की 51 उम्मीदवारों की पहली सूची ने बिहार की राजनीति में नई हवा का झोंका ला दिया है।
इस सूची में प्रीति किन्नर जैसे नाम शामिल करना बताता है कि पार्टी सिर्फ नारों की नहीं, बल्कि वास्तविक सामाजिक समानता की राजनीति करना चाहती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता इस नए राजनीतिक प्रयोग को कितना समर्थन देती है।
लेकिन इतना तय है —
जन सुराज ने बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है।
