Jharkhand Weather: गुमला में शिमला जैसी ठंड, घने कोहरे के बीच नए साल का स्वागत, येलो अलर्ट जारी
नए साल की शुरुआत के साथ ही झारखंड के मौसम ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। खासकर गुमला में मौसम का मिजाज ऐसा रहा कि लोगों ने इसकी तुलना शिमला जैसी ठंड से करनी शुरू कर दी है।
सुबह और देर रात के समय घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
नए साल की सुबह कोहरे में लिपटा गुमला
नए साल के पहले दिन गुमला की सुबह घने कोहरे के साथ हुई। सड़कों, खेतों और पहाड़ी इलाकों में चारों ओर सफेद धुंध छाई रही। कई इलाकों में दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बार की ठंड पिछले कुछ वर्षों की तुलना में ज्यादा तीखी महसूस की जा रही है। पहाड़ी और पठारी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
शिमला जैसी ठंड का अहसास
गुमला का भौगोलिक स्वरूप पहले से ही ठंड के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन इस बार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव ने ठंड को और बढ़ा दिया है।
रात और सुबह के समय तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। ठंडी हवाओं के साथ नमी बढ़ने से कोहरे की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि गुमला का मौसम इन दिनों हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशनों जैसा महसूस हो रहा है।
येलो अलर्ट क्यों किया गया जारी?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने झारखंड के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट का अर्थ होता है—मौसम को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता।
IMD के अनुसार—
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सुबह और देर रात घना कोहरा छा सकता है
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तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है
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ठंडी हवाओं के कारण कोल्ड वेव जैसी स्थिति बन सकती है
मौसम विभाग ने खासकर वाहन चालकों, बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जनजीवन पर असर
घने कोहरे और ठंड का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ा है—
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सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी
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बस और अन्य वाहनों की गति धीमी
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ग्रामीण इलाकों में खेतों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित
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बुजुर्गों और बीमार लोगों में ठंड से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ
हालांकि, नए साल के मौके पर लोग ठंड के बावजूद घरों से बाहर निकले और अलाव के आसपास इकट्ठा होकर जश्न मनाते दिखे।
किसानों के लिए क्या संकेत?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड और कोहरा रबी फसलों के लिए मिश्रित प्रभाव डाल सकता है।
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गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों के लिए ठंड अनुकूल
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लेकिन अत्यधिक कोहरा और नमी से फसल में रोग लगने का खतरा
किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि—
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अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात में ठंड बनी रहेगी
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कोहरे की स्थिति जारी रह सकती है
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दिन में हल्की धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है
हालांकि, जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंड के तेवर कम होने की संभावना नहीं जताई गई है।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से—
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ठंड में बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने
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वाहन चलाते समय सावधानी बरतने
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अलाव जलाते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखने
की अपील की है। साथ ही जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है।
नए साल पर मौसम का अलग रंग
जहाँ एक ओर नए साल का जश्न उत्साह और उम्मीदों के साथ शुरू हुआ, वहीं गुमला और आसपास के इलाकों में मौसम ने इसमें ठंड और कोहरे का खास रंग जोड़ दिया।
लोगों का कहना है कि ऐसी ठंड नए साल की शुरुआत को यादगार तो बना रही है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में चुनौतियाँ भी बढ़ा रही है।
निष्कर्ष
Jharkhand Weather के लिहाज से यह नया साल खासा ठंडा साबित हो रहा है। गुमला में शिमला जैसी ठंड, घना कोहरा और मौसम विभाग का येलो अलर्ट—इन सबने लोगों को सतर्क कर दिया है।
आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है, ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बेहतर उपाय है।


