Nitish Cabinet: नीतीश कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों पर मुहर, राज्यकर्मियों का डीए 5% बढ़ा, तीन नए विभागों को भी मंजूरी
बिहार की राजनीति और प्रशासन से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। मंगलवार को आयोजित नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में 5 प्रतिशत की वृद्धि को लेकर है। इसके साथ ही सरकार ने तीन नए विभागों के गठन को भी हरी झंडी दे दी है, जिसे प्रशासनिक ढांचे के विस्तार और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
राज्यकर्मियों को राहत: डीए 5% बढ़कर 257% हुआ
कैबिनेट बैठक का सबसे अहम फैसला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का रहा। अब तक राज्य कर्मियों को 252 प्रतिशत डीए मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है।
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यह बढ़ा हुआ डीए 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना जाएगा
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राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारी और पेंशनधारक इसके दायरे में आएंगे
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फैसले से लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा
सरकार का कहना है कि महंगाई के लगातार बढ़ते बोझ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे और दैनिक खर्चों में राहत मिल सके।
पेंशनभोगियों को भी मिलेगा पूरा लाभ
इस निर्णय का लाभ केवल कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के पेंशनभोगियों को भी समान रूप से डीए वृद्धि का लाभ मिलेगा। पेंशनधारियों की मासिक पेंशन में डीए सीधे जुड़ जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे “समय पर लिया गया राहत भरा निर्णय” बताया है।
तीन नए विभागों को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में दूसरा बड़ा फैसला राज्य में तीन नए विभागों की स्थापना को लेकर लिया गया। हालांकि सरकार की ओर से इन विभागों की विस्तृत कार्य-सीमा और नाम को लेकर अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी, लेकिन माना जा रहा है कि—
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इन नए विभागों से प्रशासनिक कार्यों का बोझ बंटेगा
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योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी
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नीति निर्माण और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी
विशेषज्ञों के अनुसार, नए विभागों के गठन से सरकार कुछ विशेष क्षेत्रों पर अधिक फोकस कर पाएगी, जिससे विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा।
कुल 19 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
मंगलवार की बैठक में वित्त, प्रशासन, सेवा नियमावली, विकास योजनाओं और संरचनात्मक सुधारों से जुड़े कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये फैसले नई एनडीए सरकार की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करते हैं।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य—
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प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना
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विकास कार्यों को गति देना
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कर्मचारियों और नागरिकों के हितों की रक्षा करना
सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से राज्य के शासन तंत्र में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ेंगी।
वित्तीय प्रभाव और सरकार का पक्ष
डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ जरूर पड़ेगा, लेकिन सरकार ने इसे आवश्यक सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बताया है। वित्तीय विभाग के अनुसार, बढ़े हुए व्यय को बजट प्रबंधन और संसाधनों के संतुलन के जरिए समायोजित किया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि—
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कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना जरूरी है
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मजबूत प्रशासन के लिए संतुष्ट कार्यबल आवश्यक है
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विकास और कल्याण के बीच संतुलन उसकी प्राथमिकता है
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीए बढ़ोतरी और नए विभागों की मंजूरी राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। नई एनडीए सरकार सत्ता संभालने के बाद यह संदेश देना चाहती है कि—
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सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों के प्रति संवेदनशील है
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प्रशासनिक सुधार उसके एजेंडे में शीर्ष पर हैं
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विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है
यह फैसला आने वाले समय में सरकार और कर्मचारियों के रिश्तों को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने डीए बढ़ोतरी के फैसले का स्वागत किया है। संगठनों का कहना है कि—
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महंगाई के दौर में यह फैसला लंबे समय से अपेक्षित था
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इससे कर्मचारियों को कुछ राहत मिलेगी
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भविष्य में डीए संशोधन को केंद्र सरकार के अनुरूप समय से लागू करने की उम्मीद है
हालांकि कुछ संगठनों ने एरियर भुगतान को लेकर सरकार से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
कैबिनेट की स्वीकृति के बाद—
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संबंधित विभागों द्वारा अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी
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डीए बढ़ोतरी का लाभ आने वाले वेतन और पेंशन में शामिल होगा
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नए विभागों के गठन को लेकर प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा
सरकार का दावा है कि फैसलों का क्रियान्वयन जल्द और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा।
निष्कर्ष
नीतीश कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर बिहार प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। खास तौर पर राज्यकर्मियों और पेंशनभोगियों के डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी लाखों परिवारों को सीधी राहत देगी। साथ ही तीन नए विभागों की मंजूरी यह संकेत देती है कि सरकार प्रशासनिक सुधार और विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाना चाहती है।
आने वाले समय में इन फैसलों का ज़मीनी असर देखने को मिलेगा और यह साफ होगा कि नई एनडीए सरकार अपने प्रारंभिक निर्णयों के माध्यम से राज्य की दिशा और प्राथमिकताओं को कैसे आकार देती है।
