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21 Jan 2026, Wed

Prakaash Parv 2025: रेलवे का बड़ा ऐलान—पटना साहिब स्टेशन पर 19 जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनें रुकेंगी

Prakaash Parv 2025: रेलवे का बड़ा ऐलान—पटना साहिब स्टेशन पर 19 जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनें रुकेंगी

Prakaash Parv 2025: रेलवे का सबसे बड़ा तोहफा! पटना साहिब में रुकेंगी 19 जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनें – पूरी जानकारी यहाँ

श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व को लेकर इस बार पटना में अभूतपूर्व तैयारियाँ की जा रही हैं। देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 19 जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों को पटना साहिब स्टेशन पर विशेष ठहराव देने का निर्णय लिया है। यह सुविधा 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी, जिसका सीधा लाभ लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा।

इस अवधि में पटना साहिब स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने वाली है, इसलिए रेलवे और स्थानीय प्रशासन दोनों स्तर पर व्यवस्थाएँ तेज़ गति से की जा रही हैं।


रेलवे ने दिए 19 जोड़ी ट्रेनों को विशेष ठहराव – क्या है खास?

पूर्व मध्य रेलवे ने घोषणा की है कि प्रकाश पर्व के दौरान देश के विभिन्न कोनों से चलने वाली कुल 19 जोड़ी प्रमुख ट्रेनों का दो मिनट का विशेष ठहराव पटना साहिब पर होगा। यह फैसला उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है जो हर साल तख्त श्री हरिमंदिर साहिब, पटना सिटी में मत्था टेकने आते हैं।

इन ट्रेनों में देश की कई व्यस्त और महत्वपूर्ण रूटों की ट्रेनें शामिल हैं, जैसे—

  • हावड़ा–प्रयागराज विभूति एक्सप्रेस

  • आसनसोल–मुंबई एक्सप्रेस

  • रक्सौल–लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस

  • राजगीर–वाराणसी बुद्धपूर्णिमा एक्सप्रेस

  • शालीमार–पटना दूरंतो

  • पुरी–पटना बैद्यनाथधाम एक्सप्रेस

  • ओखा–गुवाहाटी द्वारिका एक्सप्रेस

  • सूरत–भागलपुर सुपरफास्ट

  • जयनगर–आनंद विहार गरीब रथ

  • दरभंगा–मैसूर बागमती एक्सप्रेस

  • कोलकाता–उदयपुर अनन्या एक्सप्रेस

  • हावड़ा–देहरादून उपासना एक्सप्रेस
    …और कई अन्य लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनें।

इन ट्रेनों में आमतौर पर भारी भीड़ रहती है, इसलिए विशेष ठहराव की व्यवस्था श्रद्धालुओं के तनाव को काफी कम करेगी।


🚆 क्यों लिया गया यह फैसला?

प्रकाश पर्व के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पटना साहिब पहुंचते हैं। पहले उन्हें पटना जंक्शन पर उतरकर 15–20 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और परेशानी बढ़ती थी। अब रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को सीधे पटना साहिब स्टेशन पर उतरने की सुविधा मिलेगी और वे आसानी से तख्त श्री हरमंदिर साहिब तक पहुंच सकेंगे।

साथ ही, यात्रियों की भीड़ के लिए रेलवे ने:

  • अतिरिक्त RPF सुरक्षा तैनात करने

  • स्टेशन पर प्रवेश और निकास मार्ग व्यवस्थित करने

  • प्लेटफॉर्म प्रबंधन मजबूत करने

  • अनाउंसमेंट और दिशा-निर्देश प्रणाली बढ़ाने

जैसी व्यवस्थाएँ भी शुरू कर दी हैं।


🛕 तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में तेज़ी से जारी तैयारियाँ

तख्त श्री हरमंदिर साहिब प्रबंधक कमेटी की बैठक में सभी प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की गई। मुख्य कार्यक्रम 25 से 27 दिसंबर तक होने वाले हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है।

कमेटी की तैयारियों में शामिल हैं—

  • लंगर की विशाल व्यवस्था

  • विदेशी और देश के दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए आवास

  • स्वास्थ्य सुविधाएँ और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र

  • पार्किंग व्यवस्था

  • सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन

  • आने-जाने के मार्गों का सुधार

  • सफाई और स्वच्छता व्यवस्था

जरूरत पड़ने पर सरकारी स्कूलों और अन्य सार्वजनिक भवनों को भी अस्थायी आवास के रूप में उपयोग किया जाएगा।


🛍 स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ

प्रकाश पर्व सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पटना सिटी, मालसलामी, चौक क्षेत्र और हरमंदिर साहिब मार्ग पर दुकानों, होटलों, ई-रिक्शा चालकों और छोटे व्यापारियों का कारोबार इस समय चरम पर पहुंच जाता है।

रेलवे द्वारा विशेष ठहराव देने के बाद…

  • स्टेशन और आसपास के इलाकों में यात्रियों की भीड़

  • स्थानीय व्यापार में बढ़ोतरी

  • टैक्सी, ई-रिक्शा, होटल और धर्मशालाओं की मांग

  • स्थानीय खाद्य व सांस्कृतिक बाजारों की रौनक
    काफी बढ़ जाएगी।


🙏 लाखों श्रद्धालुओं की होगी आसान यात्रा

हर साल प्रकाश पर्व पर दुनिया भर से श्रद्धालु आते हैं, विशेषकर प्रवासी सिख समुदाय बड़ी संख्या में शामिल होता है। इस बार संख्या और भी अधिक होने की संभावना जताई गई है।

रेलवे के कदम से—

  • श्रद्धालुओं को मुख्य स्टेशन पर उतरकर आगे जाने की परेशानी नहीं

  • सीधे पटना साहिब स्टेशन तक पहुंचने में आसानी

  • समय, धन और यात्रा दोनों में सुविधा

मिलेगी।


निष्कर्ष

प्रकाश पर्व 2025 न केवल धार्मिक आस्था का बड़ा उत्सव है, बल्कि रेलवे, प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। रेलवे द्वारा 19 जोड़ी ट्रेनों को विशेष ठहराव देना करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत है और यह साबित करता है कि सार्वजनिक सेवाओं में संवेदनशीलता के साथ योजनाबद्ध व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण होती है।

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