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21 Jan 2026, Wed

School Closed: शीतलहर और ठंड का कहर, झारखंड में सभी स्कूल 8 जनवरी तक बंद

School Closed: शीतलहर और ठंड का कहर, झारखंड में सभी स्कूल 8 जनवरी तक बंद

School Closed: झारखंड में शीतलहर का कहर, 10 जिलों में पारा 10°C से नीचे, 8 जनवरी तक सभी स्कूल बंद

झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रही, जबकि 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। लगातार गिरते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए **झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

यह आदेश 6 जनवरी से 8 जनवरी तक प्रभावी रहेगा और इसका उद्देश्य छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाना है।


क्यों लिया गया स्कूल बंद करने का फैसला?

पिछले कुछ दिनों से झारखंड में—

  • तेज़ शीतलहर

  • सुबह-शाम घना कोहरा

  • उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएँ

  • न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट

देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी हो सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सभी कोटि के स्कूलों में कक्षाएं अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया।


सरकारी आदेश में क्या कहा गया?

राज्य सरकार के अपर सचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि—

  • राज्य में संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त और निजी स्कूल

  • प्री-नर्सरी से कक्षा 12वीं तक

की कक्षाएं 6 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगी।

यह आदेश पूरे झारखंड राज्य में समान रूप से लागू होगा, चाहे स्कूल शहरी क्षेत्र में हों या ग्रामीण इलाकों में।


शिक्षकों को जाना होगा स्कूल

सरकारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि—

  • स्कूल केवल छात्रों के लिए बंद रहेंगे

  • सभी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी इस अवधि में नियमित रूप से स्कूल आएंगे

इसके अलावा, यदि इस दौरान किसी स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षा या अन्य आंतरिक परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो—

  • सक्षम प्राधिकार (Competent Authority) अपने विवेक से

  • परीक्षा आयोजित करने या स्थगित करने का निर्णय ले सकते हैं

अर्थात, परीक्षा को लेकर अंतिम फैसला स्कूल प्रबंधन या जिला प्रशासन पर छोड़ा गया है।


School Closed Letter (6–8 January)

स्कूल बंद करने से संबंधित आधिकारिक आदेश राज्य सरकार द्वारा जारी कर दिया गया है, जिसे अभिभावक और स्कूल प्रबंधन विभागीय वेबसाइट या जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। यह आदेश पूरे राज्य में लागू रहेगा।


लोहरदगा में सबसे कम तापमान: 3.4°C

मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में इस समय ठंड अपने चरम पर है। राज्य के विभिन्न जिलों में दर्ज न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा—

  • लोहरदगा: 3.4 डिग्री सेल्सियस (राज्य में सबसे कम)

  • गुमला: 4.1 डिग्री सेल्सियस

  • लातेहार: 5.6 डिग्री सेल्सियस

  • रांची: 6.4 डिग्री सेल्सियस

इसके अलावा जिन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, उनमें—

  • बोकारो

  • कोडरमा

  • हजारीबाग

  • खूंटी

  • सिमडेगा

  • पलामू

शामिल हैं।


क्यों इतनी ज्यादा ठंड पड़ रही है?

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार—

“क्षोभमंडल के निचले स्तरों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण झारखंड में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।”

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं का असर झारखंड समेत पूरे पूर्वी भारत में देखा जा रहा है।


अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत

राज्य सरकार के इस फैसले का—

  • अभिभावकों ने स्वागत किया है

  • कई माता-पिता का कहना है कि सुबह-सुबह बच्चों को ठंड में स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है

खासतौर पर प्री-नर्सरी और प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए यह निर्णय राहत देने वाला माना जा रहा है।


स्वास्थ्य विभाग की सलाह

ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि—

  • बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचाएँ

  • गर्म कपड़े, टोपी और मोज़े का उपयोग करें

  • ठंड, खांसी, बुखार या सांस संबंधी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

विशेष रूप से छोटे बच्चों और नवजातों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता बताई गई है।


क्या आगे भी बढ़ सकती है छुट्टी?

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि—

  • यदि शीतलहर की स्थिति बनी रहती है

  • या तापमान और नीचे जाता है

तो स्कूल बंद रखने की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। इस पर अंतिम निर्णय मौसम की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।


निष्कर्ष

झारखंड में बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए 6 से 8 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला एक आवश्यक और संवेदनशील कदम माना जा रहा है। यह निर्णय यह स्पष्ट करता है कि सरकार के लिए बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है।

आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और उसी के आधार पर स्कूल खोलने या छुट्टी बढ़ाने को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। तब तक अभिभावकों को बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

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